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यमुना नदी के जल स्तर ने बढ़ाई पेंगे, 109 मीटर के पार पहुंचा पानी

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औरैया। कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने से चंबल नदी में पानी बढ़ गया है। इससे यमुना भी उफान मारने लगी है। बुधवार की सुबह 107 मीटर के निशान पर पानी था। शाम को यह 109 मीटर का निशान पार कर गया। प्रति घंटे यमुना नदी में जलस्तर 10 से 12 सेमी बढ़ रहा है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि गुरुवार की सुबह तक यमुना का पानी खतरे के निशान के नजदीक पहुंच सकता है। यमुना का जलस्तर बढ़ने से जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। वहीं, यमुना के किनारे बसे गांवों के लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। लोगों को यह डर सताने लगा है कि बाढ़ का पानी उनकी गृहस्थी न बहा ले जाए।
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बुधवार को यमुना का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया है। सुबह सात बजे जलस्तर 107 मीटर पर स्थिर था। इसके एक घंटे बाद से ही पानी बढ़ना शुरू हो गया। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों के मुताबिक चंबल में कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर भी बढ़ना शुरू हुआ है। बुधवार की शाम पांच बजे 109.97 मीटर पर आमद करने के बाद पानी का बढ़ना जारी है। केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारियों ने बताया कि अभी यमुना नदी में पानी और बढ़ेगा। ऐसे में जलस्तर खतरे के निशान 113 मीटर के आसपास या पार होने की भी संभावना जताई जा रही है। बताया कि प्रति घंटे यमुना नदी में जलस्तर 10 से 12 सेमी बढ़ रहा है। यमुना का पानी बढ़ने से किनारे के गांव बडेरा, जुहीखा, गोहानी, सिकरोड़ी, ततारपुर, गूंज, शाला आदि के लोग भयभीत हैं।
तहसील प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट रहने का फरमान जारी कर दिया है। एसडीएम राशिद अली खान ने बुधवार को सिकरोड़ी पुल पर पहुंचकर जलस्तर वृद्धि का जायजा लिया। साथ ही प्रभावित गांवों का भी दौरा किया। एसडीएम राशिद अली खान ने बताया की यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को मौजूद रहकर स्थिति पर बराबर नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। वह स्वयं भी बाढ़ प्रभावित गांवों में ही मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।
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