बीहड़ी क्षेत्र के गांव लक्ष्मणपुर में बुधवार को दोपहर विद्युत लाइन से निकली चिंगारी से एक घर में आग लग गई। आग की लपटें पड़ोसी के रसोई घर तक पहुंच गई और वहां रखा गैस सिलिंडर फट गया।
सिलिंडर फटने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। इसके बाद एक-एक कर पांच घर आग लग गई। आग बुझाने में तीन ग्रामीण झुलस गए। सात बकरियों व एक भैंस के बच्चे की झुलसकर मौत हो गई।
पांचों घरों मेें गृहस्थी का सारा सामान राख हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने ग्रामीणों की मदद से काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बुधवार को दोपहर बिजली के तार की चिंगारी से रविंद्र पुत्र राजाराम के घर में आग लग गई। आग ने पड़ोसी राधेश्याम के घर को भी चपेट में ले लिया। राधेश्याम के घर की रसोई में रखा सिलिंडर फट गया।
इससे आग एक-एक कर पांच घरों तक घरों तक फैल गई। राधेश्याम के घर का सारा सामान राख हो गया। उनके बेटे शशिवेंद्र की दुकान भी जल गई। इनके भाई रविंद्र का भी घर जल गया।
शिव शंकर व महेश चंद्र के घरों को भी आग ने अपनी चपेट में लिया। रविंद्र की छह बकरियां, एक भैंस का बच्चा, शिव शंकर की एक बकरी जिंदा जल गई। आग बुझाने में सर्वेश पुत्र श्याम सुंदर और सचिन पुत्र ज्ञान प्रकाश के हाथ झुलस गए।
सिलिंडर फटने से आग बुझा रहे राजवीर पुत्र बड़े लाल भी जख्मी हो गए। ग्रामीणों ने बताया कि सूचना के करीब सवा घंटे बाद फायर ब्रिगेड गांव पहुंची। तब तक वह लोग खुद ही आग बुझाने में जुटे रहे।
ग्रामीणों की शिकायत है कि गांव में हैंडपंपों की संख्या कम होने से आग बुझाने में दिक्कत हुई। घटना की सूचना पर एसडीएम अजीतमल रमेश यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह, सीओ सुरेंद्र नाथ, एसआई विनोद कुमार देवी सहाय आदि गांव पहुंचे।
उधर, जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने अग्निकांड पीड़ितों की तत्काल मदद की। उन्होंने 2000 प्रति बकरी व पड़वा पीड़ितों को देने को कहा। रविंद्र पुत्र राजाराम को 14000 रुपये,
शिवशंकर पुत्र मन्नू लाल को 6000 रुपये देने को कहा। जिला पंचायत अध्यक्ष ने एसडीएम रमेश यादव से छह दिन में पीड़ितों को चेक देने के लिए कहा। वहीं, एसडीएम ने कहा कि तीन दिन में चेक वितरित कर दी जाएगी। एसडीएम ने कोटा डीलर से पीड़ितों को राशन देने को कहा। दीपू सिंह ने गांव में एक नल लगवाने को कहा।