औरैया। बिधूना कोतवाली क्षेत्र से जुड़े डकैती के एक मामले में विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने सोमवार को फैसला सुनाया।
अदालत ने साक्ष्यों के अभाव और गवाहों के पक्षद्रोही होने के कारण डकैती के आरोपी श्रीकृष्ण समेत सभी पांच को दोषमुक्त कर दिया है। जिन आरोपियों को बरी किया गया है, उनमें श्रीकृष्ण, ध्यान सिंह, पिंटू, अनूप सिंह और बंटी निवासी गांव कटैया थाना एरवाकटरा शामिल हैं।
एरवाकटरा थाना क्षेत्र के गांव बढि़न निवासी मनीष कुमार ने बिधूना कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके भाई अवनीश के दरवाजे पर चार सितंबर 2014 को आधार कार्ड बनाने का कैंप लगा था। भीड़ अधिक होने के कारण लाइन में खड़े होने को कहने पर आरोपियों ने रंजिश मान ली थी।
वादी के अनुसार 12 सितंबर 2014 को जब वह बस से बिधूना कचहरी जा रहे थे, तब बदनपुर के पास बस से नीचे उतारकर आरोपियों ने लोहे के पाइप से पिटाई की, 10 हजार रुपये नकद और मोबाइल लूट लिया तथा तमंचे दिखा कर धमकी दी।
पुलिस ने मामले में चार्जशीट दाखिल की थी और अदालत में 14 नवंबर 2019 को आरोपियों के विरुद्ध डकैती के तहत आरोप विरचित किए गए थे। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष अपने आरोपों को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा।
अदालत में मुख्य परीक्षा के दौरान परिवादी ने अभियुक्तों को पहचानने से साफ इन्कार कर दिया और कहा कि घटना करने वाले ये लोग नहीं थे। इसके बाद अभियोजन के अनुरोध पर अदालत ने उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया।
अन्य गवाहों ने भी अदालत में बयानों के दौरान आरोपियों को घटना से बेकसूर बताया और कहा कि उन्होंने पूर्व में लोगों के कहने पर केवल नाम ले लिए थे। सोमवार को दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश महेश कुमार ने संदेह का लाभ देते हुए श्रीकृष्ण, ध्यान सिंह, पिंटू, अनूप सिंह और बंटी को डकैती के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
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एससी-एसटी मामले में जमानत याचिका मंजूर
औरैया। अजीतमल थाना क्षेत्र में आम उठाने को लेकर हुए विवाद और एससी-एसटी एक्ट के मामले में विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी की अदालत ने तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
वादी ने आरोप लगाया था कि 15 जून 2025 को उनके बेटे भोलू को आरोपी आमिर, समीर और छोटू ने रंजिश के चलते जातिसूचक गालियां दीं और लात व चप्पलों से पीटा। अदालत ने अभियुक्तों का कोई आपराधिक इतिहास न होने, मामले में सात वर्ष से कम सजा का प्रावधान होने और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए 25-25 हजार रुपये के बंधपत्र पर जमानत दे दी। (संवाद)
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व्यक्तिगत बंधपत्र पर जमानत याचिका मंजूर
औरैया। विशेष न्यायालय ने फफूंद थाना क्षेत्र के एक मुकदमा में आरोपी रामकुमार कुशवाहा का जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है।
वादी रवि कुमार दोहरे ने आरोप लगाया था कि 15 जनवरी 2024 को आरोपी ने शराब के नशे में खेत पर गाली-गलौज, मारपीट और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। बचाव पक्ष ने इसे आपसी रंजिश बताया।
विशेष न्यायाधीश विकास गोस्वामी ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को 25 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र व जमानतगीर पेश करने के आदेश दिए हैं। (संवाद)