दिबियापुर। शोरूम में आग लगने की सूचना पाते ही दमकल कर्मी पहुंच गए, उन्हें आग बुझाने से ज्यादा चौथी मंजिल पर फंसे लोगों को बाहर निकालने की चिंता थी। इस पर दमकल कर्मियों के कुछ जवानों ने पीछे से सीढ़ियां लगाकर परिवार के सदस्यों को निकालना शुरू किया।
फायर ब्रिगेड कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद सबसे पहले बच्चों को बाहर निकाला गया। इसके बाद महिलाओं को निकाला और फिर रवि पुलिस कर्मियों का सहारा लेते हुए बाहर आए। उधर, प्रणव व कल्लू अंदर फंसे थे और आग बढ़ती ही जा रही थी। आग बढ़ती देख अंदर तक पानी डालने के लिए दमकल कर्मियों ने तीसरी मंजिल की दीवार तोड़ दी और दोनों को उतारकर नीचे लाए। इसके बाद पुलिस दोनों को अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। देर रात तक आग बुझाने के लिए पुलिस कर्मी प्रयास करते रहे। शोरूम में कपड़े होने के कारण आग बढ़ती ही जा रही थी।
सिसकियां भरते हुए दहशत में रहे पड़ोसी
कपड़े के शोरूम में आग लगने के बाद पड़ोस में रहने वाले करीब 10 घरों के लोगों को बाहर निकाल दिया गया। इस बीच घरों से बाहर आए लोग दहशत में थे। बच्चे और महिलाएं आग और हादसे में हुई जनहानि को लेकर सिसकियां भरते नजर आए। इस बीच पड़ोस के लोग और कुछ अधिकारी लोगों को ढांढस बंधाते भी नजर आए।
इकलौते बेटे की मौत पर बेसुध दिखे पिता अजय
रवि के बड़े भाई अजय शुक्ला कस्बे में अलग मकान में रहते हैं। देर शाम इकलौता बेटा प्रणव अपने चाचा रवि की दुकान में मौजूद था। इसी बीच वह पानी लेने ऊपर चला गया। आग लगते ही वह फंस गया, इसके बाद वह निकल कर बाहर नहीं आ सका। करीब दो घंटे बाद प्रणव को बाहर निकाला गया, जहां डॉक्टरों दम घुटने से उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की मौत के बाद अस्पताल में पिता अजय बेसुध नजर आए। जिसे परिवार के लोग ढांढस बंधाते रहे। वहीं कल्लू उर्फ सुधार(35) निवासी गुलहरिया की मौत पर परिजन भी अस्पताल जा पहुंचे।
घटनाक्रम
8:00 बजे शार्ट सर्किट से आग लगी
8:15 बजे दमकल की दो गाड़ियां एनटीपीसी से पहुंचीं
8:30 बजे दमकल की तीन दमकल की गाड़ियां गेल से पहुंचीं
8:35 बजे सीओ सुरेंद्र नाथ पहुंचे और फंसे लोगों को बाहर निकलवाना शुरू किया
8:45 बजे तीसरी मंजिल की दीवार तोड़ी गई
9:00 बजे एसपी चारू निगम पहुंची
9:15 बजे एडीएम रेखा एस चौहान पहुंची
10:00 बजे प्रणव व कल्लू को बाहर निकाला
10:15 बजे सीएचसी दिबियापुर लेकर पहुंचे, जहां दोनों मृत घोषित किए गए
11:35 बजे आग पर काबू पा लिया गया
चौथी मंजिल में यह लोग थे फंसे
रवि शुक्ला के अलावा उनकी पत्नी अवंतिका, अमित की पत्नी शिखा, सुमित की पत्नी लक्ष्मी व बच्चे हनु, अदिति, शचि, चंगुन, एक वर्ष की मासूम के साथ लगभग 14 वर्षीय भतीजा प्रणव, कर्मचारी कल्लू (35) पुत्र सुधाकर दुबे निवासी गुलहरिया ऊपर ही फंस गए।
फोटो-23एयूआरपी-38- अस्पताल में मौजूद एसपी चारू निगम। संवाद- फोटो : AURAIYA
सुरक्षित निकल कर बाहर आईं अवंतिका, लक्ष्मी व बच्चे। संवाद- फोटो : AURAIYA
फोटो- 23एयूआरपी-42- डिप्टी सीएमओ डॉ. आरके सिंह से जानकारी लेती एडीएम रेखा एस चौहान- फोटो : AURAIYA