औरैया। चिचौली स्थित मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थापित सौ शैया युक्त जिला अस्पताल में फायर सुरक्षा के अधिकांश उपकरण ध्वस्त पड़े हुए हैं। अहम बात यह है कि प्रतिदिन लगभग एक हजार की ओपीडी वाले इस अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर अनदेखी की जा रही है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।
शहर से लगभग सात किलोमीटर दूर चिचौली में मेडिकल काॅलेज परिसर स्थित सौ शैया युक्त जिला अस्पताल में चिकित्सकों की उपलब्धता के चलते प्रतिदिन एक हजार के लगभग मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। अस्पताल में अग्नि सुरक्षा संबंधी लगे उपकरणों में अधिकांश उपकरण खराब पड़े हुए हैं। इससे कभी भी कोई घटना होने पर मरीजों की जान पर बन सकती है।
अहम बात यह है कि लगभग एक माह पहले फायर विभाग की ओर से अस्पताल का निरीक्षण करने के दौरान फायर उपकरण खराब मिलने पर अस्पताल प्रशासन को लिखित पत्राचार किया था। बावजूद इसके आज तक उनको दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। हालांकि अस्पताल में जगह-जगह फायर स्टिंग्यूशर लगाकर उन्हीं के भरोसे सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखी जा रही है।
बोले जिम्मेदार -
फायर विभाग की ओर से निरीक्षण के दौरान कुछ जगहों पर उपकरण खराब पाए गए थे। जिस पर उनकी ओर से लिखित रूप से अस्पताल में लगे फायर फाइटिंग उपकरणों में जो खामियां बताई गईं थी, उनको ठीक कराए जाने के लिए प्रस्ताव बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। उच्चाधिकारियों की ओर से स्वीकृति मिलते ही खराब पड़े उपकरणों को ठीक कराया जाएगा। तब तक फायर स्टिंग्यूशर के सहारे अग्नि संबंधी सुरक्षा कायम रखी जा रही है।
- धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, औरैया।