औरैया। आसमान से आग बरस रही है। अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री के आस-पास पहुंच रहा है। नौतपा के दिनों से भी अधिक गर्मी इन दिनों देखने को मिल रही है। लोगों को गर्मी से बचाव के लिए प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कोई खास इंतजाम नहीं देखने को मिल रहे है। सबसे अधिक परेशानी ग्रामीण क्षेत्र से बाजार करने शहर आने वालों को हो रही है। आलम यह है कि उन्हें ठंडा पानी खरीदना पड़ रहा है। कहीं छांव के इंतजाम भी नहीं हैं। जिससे कि चटक धूप में राहगीरों को राहत की छांव मिल सके।
मौसम विभाग ने पहले ही अधिक गर्मी होने की संभावना जताई थी। जिसको लेकर शासन स्तर से जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, लेकिन यह निर्देश सिर्फ कागजों तक ही सीमित देखने को मिले हैं। अस्पतालों के वार्ड में कूलर लगाकर इतिश्री की गई। कूलर मरीजों को हवा दे रहे हैं या नहीं। इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। ऐसे में कूलर-पंखे सब बेकार साबित हो रहे हैं।
खास तौर पर जिला अस्पताल के अंदर गेट के पास लगा वाटर कूलर ही खराब है। बाजारों की बात तो दूर सरकारी दफ्तरों तक में लगे अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं। जिन्हें अधिकारियों ने ठीक कराने की जहमत नहीं उठाई है। सदर तहसील और एसडीएम सदर के कार्यालय में लगे वाटर कूलर आज भी खराब हैं। वहीं चटक धूप से बचने को लेकर छांव का इंतजाम भी नहीं है। महिलाओं के लिए सत्ती तालाब किनारे सांसद निधि से बनाया जा रहा प्रतीक्षालय अभी निर्माणाधीन हालत में है। जिससे इसका भी अभी किसी को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
नगर पालिका ने कराई पानी की बौछार, लगाए तीन नए वाटर कूलर
भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पालिका प्रशासन द्वारा पानी की टैंकर चलवाए जा रहे हैं। तो वहीं इन दिनों ठंडे पानी की बौछार करने के लिए दो गाड़ियां शहर में घूम रहीं हैं। जिनकी चर्चा अधिक हो रही है। जिससे काफी हद तक लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। शहर में पहले से 15 स्थानों पर ठंडे पानी को लेकर वाटर कूलर लगे हैं। वहीं लोकसभा चुनाव के दौरान तीन और स्थानों पर वाटर कूलर लगवाए गए।
बोले जिम्मेदार -
‘जिले में प्रशासन की निगाह में 146 वाटर कूलर लगे हैं। कुछ खराब थे, उन्हें ठीक भी करा दिया है। कोई भी वाटर कूलर खराब न पड़ा रहे इसे लेकर निकायों व ब्लॉकों में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। औरैया शहर में ठंडे पानी को लेकर तीन टैंकर तो वहीं फव्वारा मशीन लोगों की राहत के लिए चलवाई जा रही है। अस्पतालों में कोल्ड रूम बनवाए गए हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गोशालाओं में टिनशेड के इर्दगिर्द बोरे लगाए गए हैं। जिनमें पानी का छिड़काव कर मवेशियों को राहत देने का प्रयास किया जा रहा है।’-महेंद्र पाल सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व