दिबियापुर। थाना दिबियापुर और रेलवे स्टेशन फफूंद के बीच आग लगने से फल की पेटी (टट्टर) समेत तीन पेटियां (टट्टर) जलकर खाक हो गई। फलों की पुरानी दुकान में सबसे अधिक नुकसान हुआ। अंदर लेटे दुकानदार के बेटे ने भागकर जान बचाई। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
बड़ी सब्जी मंडी गली के सामने पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड कार्यालय के बाहर अंसार फल वाले की दशकों पुरानी दुकान है। अंसार का पुत्र नहीम मैनपुरी जिले के करहल में एक शादी में गया था। सोमवार तड़के लगभग चार बजे वह लौटकर आया और टट्टर के अंदर लेट गया। अंसार के बड़े पुत्र मुहम्मद अख्तर राईन ने बताया कि तड़के लगभग साढ़े पांच बजे नहीम ने दुकान के अंदर धुंआ उठता देखा तो दम घुटने लगा। इस पर वह टट्टर खोलकर भाग खड़ा हुआ। तभी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेज थी कि दुकान के ऊपर से निकली एलटी लाइन की बंच केबल जलकर नीचे गिर गई।
बिजली कर्मियों को सूचना देकर लाइट कटवाई गई। फायरब्रिगेड और थाना पुलिस को सूचना दी गई। इस बीच आसपास के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। अग्निकांड में पड़ोस में टट्टर में रखी थाने के पीछे रहने वाले रविंद्र सविता एवं जमुहां निवासी राजू सविता की दो अलग-अलग बाल कटिंग की दुकानें भी जल गईं। अख्तर राईन के अनुसार सहालग के चलते दो दिनों से लगातार फलों की खेप आई थी। दुकान में लगभग ढाई लाख के फल थे। जबकि लगभग 60 हजार रुपए नकद भी थे। इस संबंध में लेखपाल अभिनय राजपूत ने बताया कि घटना में हुए नुकसान की रिपोर्ट बनाकर भेजी जा रही है।