अछल्दा। थानाक्षेत्र के गांव बैसोली में रंजिश को लेकर शनिवार शाम भागवत कथा की शोभायात्रा के दौरान आरोपियों ने एक युवक व उसके साथी पर जानलेवा हमला कर दिया था।
पुलिस ने मामले में चार नामजद समेत आठ पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2012 में उसके पिता पर हुए जानलेवा हमले के मुकदमे में गवाही न देने का दबाव बनाने के लिए यह हमला किया गया है।
गांव बैसोली निवासी जितेंद्र सिंह ने बताया कि वह शनिवार को अपने साथी निहाल के साथ बिधूना महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम से लौट रहा था। शाम करीब पांच बजे जैसे ही वे ब्लॉक गेट के पास पहुंचे, वहां भागवत कथा की शोभायात्रा निकल रही थी। आरोप है कि तभी गांव निवासी दशरथ ने अपने साथियों हर्षित, सौरभ और अरुण के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया। शोर मचाने पर दशरथ के परिवार की चार अज्ञात महिलाएं भी वहां पहुंच गईं और पीड़ितों को पकड़ लिया।
पीड़ित जितेंद्र के अनुसार आरोपियों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर घायल कर दिया। चीख-पुकार सुनकर जब तक लोग मदद को दौड़े तो आरोपी धमकी देकर मौके से भाग गए। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि आरोपी दशरथ सिंह ने वर्ष 2012 में उसके पिता सुरेंद्र सिंह को गोली मारी थी। वह मुकदमा वर्तमान में गवाही की अंतिम दहलीज पर है।
आरोपी लगातार समझौते का दबाव बना रहे थे और बात न मानने पर पिता जैसा हश्र करने की धमकी दे रहे थे। प्रभारी थानाध्यक्ष सुरेश चंद्र ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।