कुछ इस तरह से दलालों ने किया काम।
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प्रशासन ने बुधवार को एआरटीओ के बाहर से दलालों की दुकानों को जेसीबी से हटा दिया था। दफ्तर में कर्मचारी बनकर काम कर रहे दलालों को खदेड़ दिया गया था। इसके बाद भी गुरुवार को दलालों का जमावड़ा एआरटीओ में बना रहा।
दलाल इधर उधर बैठकर व घूमकर काम कराते रहे। दलालों को रोकने की जिम्मेदारी लिए एआरटीओ खुद दोपहर तक नदारद रहे। पुलिस ने भी गश्त नहीं की। इससे दलाल बेखौफ रहे।
एआरटीओ कार्यालय में प्रशासन के कार्रवाई का चाबुक चलाने के बाद भी सुधार नहीं हो रहा है। बुधवार को एसडीएम राजेंद्र कुमार व सीओ लालता प्रसाद ने कार्यालय के बाहर से दलालों के बस्तों को जेसीबी चलाकर हटवा दिया था।
एसडीएम ने एआरटीओ को दलाल दिखने पर पुलिस को सूचना देकर उन्हें गिरफ्तार कराने के निर्देश दिए थे। वहीं दिबियापुर पुलिस को राउंड करने के लिए कहा था। गुरुवार की सुबह न तो पुलिस दिखी और न ही एआरटीओ।
ऐसे में दलाल पूरे कार्यालय में घूमते नजर आए। इनके पास बैठने की जगह नहीं थी लेकिन काम करने का अंदाज पुराना ही था। एआरटीओ में काम कराने आने वालों को दलाल कैप्चर कर लेते थे। कोई दलाल एआरटीओ में सीढ़ियों पर तो कोई पार्किंग में खड़े वाहनों के पास कब्जा जमाए रहा। दफ्तर पूरे दिन दलालों की मिलीभगत से चलता रहा।