औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के बीझलपुर स्थित यमुना घाट पर 14 नवंबर को डीएम की ओर से मारे गए छापे में खनन विभाग की ओर से मोटे जुर्माने की फाइल तैयार कराई गई हैं। जारी नोटिस के तहत पट्टा मालिक ने जवाब भी दाखिल किया है।
छापे के दौरान डीएम की जांच में सामने आया था कि कैमरे बंद थे। कहीं न कहीं यह मानक को ताक पर रखने जैसा था। अधिकारियों ने मौके पर मिलीं पोकलैंड मशीन, ओवरलोड बालू लदे व खाली ट्रकों पर कार्रवाई की थी। बता दें कि बीझलपुर बालू घाट का खनन पट्टा संख्या दो धीरज पांडेय के नाम पर आवंटित है।
शासन की गाइड लाइन के अनुसार तीन माह घाट बंद रहने के बाद से अक्तूबर माह में खनन शुरू किया गया था। 14 नवंबर की शाम डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी अभिजित आर शंकर समेत अन्य अधिकारियों ने छापा मारा था। मौके पर कांटे से लेकर खनन पट्टे तक मिले सात ओवरलोड ट्रकों को सीज करवा दिया था। कागज पूरे न मिलने पर 10 खाली ट्रकों का पीटीओ आनंद कुमार ने प्रति ट्रक के हिसाब से चालान किया था।
खनन पट्टे में मिलीं दो प्रतिबंधित पोकलैंड का प्रयोग होता मिलने पर उन्हें सीज कर दिया था। तय मानक के तहत खनन पट्टे में तीन मीटर अंदर तक खनन करने की अनुमति रहती है, लेकिन यहां पर इससे कहीं ज्यादा गहरा खनन मिला था। सूत्रों के मुताबिक इस मामले में मोटे जुर्माने की फाइल तैयार की गई है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।