सिर्फ 35 दिन पहले अपने व परिवार की मर्जी से विवाह बंधन में बंधने वाली बिधूना कोतवाली में तैनात महिला सिपाही शालू गिरी ने वैवाहिक जीवन में अपेक्षित खुशियां न मिलने से अपने कमरे में गले में फांसी का फंदा कसकर खुदकुशी की थी।
उसके चार पेज के लिखे सुसाइड नोट से यही बात सामने आ रही है। उसने ईश्वर के नाम भी एक पत्र लिखा है, जिसमें जिक्र किया है कि ‘मैं लाइफ में कभी भी खुश नहीं रह पाऊंगी मुझे अपने पास बुला लो।’ उधर, शालू की मां सुमित्रा गिरी का आरोप है कि उसका पति उसे खुश नहीं रखता था।
इससे वह आत्महत्या करने को मजबूर हुई। उन्होंने पुत्री के पति को आरोपी बताते हुए उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। बागपत जिले के बालैनी थाना क्षेत्र के गांव तलीफपुर दत्त नगर निवासी महिला सिपाही शालू गिरी की 16 दिसंबर 2019 को बिधूना कोतवाली में तैनाती हुई थी।
इसी साल 26 अप्रैल को उसकी शादी बागपत निवासी शिक्षक राहुल गिरी के साथ हुई थी। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से ही वह परेशान चल रही थी। मंगलवार को उसने खुदकुशी कर ली।
मामले की जांच बिधूना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार शुक्ला को सौंपी गई है। उनका कहना है कि इस मामले में जांच के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है। उधर, पुलिस विभाग के लोगों की माने तो वह अक्सर तनाव में रहती थी।
शालू गिरी ने एक पत्र प्रभु के नाम लिखा। पत्र में उसने कहा कि ‘हे प्रभु मुझे रास्ता दिखाओ, वह बचपन से आज तक कभी फेल नहीं हुई।
फिर मुझे वहां फेल क्यों कर रहे हो, जहां पास होने की सबसे ज्यादा जरूरत है। मैं लाइफ में कभी भी खुश नहीं रह पाऊंगी मुझे अपने पास बुला लो।’
महिला सिपाही शालू ने मरने से पहले परिवार के नाम लिखे एक अन्य पत्र में एक सिपाही का जिक्र किया है। जिसमें उसने बताया कि मेरे मरने का दोषी उसे न ठहराया जाए। उसे वह बहुत प्यार करती है।
उधर, सिपाही के बाबत शालू की मां सुमित्रा गिरी का कहना है कि एक ही थाने में दोनों साथ-साथ तैनात थे। इस कारण से वह सिर्फ शालू का एक अच्छा दोस्त था।