एफसीआई की गोदामों में भंडारण क्षमता पूरी होने के बाद अब गल्ला मंडी के प्लेटफार्म पर क्रय गेहूं का भंडारण किया जाएगा। इसके लिए प्लेटफार्मों की मरम्मत कराने का काम शुरू कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार की ओर से किसानों का गेहूं वाजिब मूल्य पर गेहूं क्रय किए जाने की योजना के बाद जिले में किसानों से गेहूं की खरीद की गई है। हालात यह हैं कि गेहूं भंडारण के लिए जिले के एफसीआई व स्टेट वेयर हाउस के डीपो फुल हो चुके हैं। ऐसे में गेहूं भंडारण की समस्या खड़ी हो गई है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एडीएम विजय बहादुर सिंह के निर्देश पर किसानों से क्रय केंद्रों के माध्यम से गेहूं को अब गल्ला मंडी स्थित प्लेटफार्मों पर भंडारण किया जाएगा। इस संबंध में डिप्टी आरएमओ सुधांशु द्विवेदी ने बताया कि एफसीआई व स्टेट वेयर हाउस डिपो की क्षमता 51 हजार 640 एमटी की है। जो एक-दो दिन में पूरी तरह से फुल हो जाएगी। इसके लिए अब जिले में तीन स्थानों पर गेहूं का भंडारण किया जाएगा। जिसमें औरैया गल्ला मंडी, दिबियापुर गल्ला मंडी व याकूबपुर की गल्ला मंडी के प्लेटफार्म पर भंडारण करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बताया कि इन तीनों स्थानों पर पांच हजार एमटी गेहूं का भंडारण कर जिले का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रतिमाह होने वाले 6 हजार एमटी खाद्यान्न के उठान से भी काफी जगह मुहैया कराए जाने का भी प्रयास किया जा रहा है।
बिचौलिए दिखे तो केंद्र प्रभारी होंगे जिम्मेदार
औरैया। डीएम श्रीकांत मिश्रा ने गेहूं खरीद केंद्र प्रभारियों को पत्र भेजकर गेहूं खरीद में किसानों को बिचौलियों व थर्ड पार्टी से मुक्त रखने तथा छोटे किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश डीएम ने दिए हैं। डीएम ने 40 क्विंटल से अधिक विक्रय करने वाले किसानों का संबंधित एसडीएम द्वारा सत्यापन कराने के बाद अनुमति दी जाएगी। इसके बाद केंद्र प्रभारी द्वारा लेखपाल, राजस्व निरीक्षक द्वारा खसरा-खतौनी के आधार पर जारी किसान के संयुक्त भूमि की अंश धारिता व उत्पादित गेहूं के प्रमाण पत्र के आधार पर ही गेहूं क्रय किया जाएगा। इसके अतिरिक्त लघु और सीमांत किसान को वरीयता देने के उद्देश्य से सप्ताह के द्वितीय व अंतिम दिवस (मंगलवार व शनिवार ) राजपत्रित अवकाश को छोड़कर रिजर्व रखा जाएगा। तथा अन्य दिवसों में भी लघु व सीमांत किसानों का गेहूं प्राथमिकता के आधार पर खरीदा जाएगा।
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दो प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
औरैया। जिला खाद्य सुधांशु शेखर चौबे ने साधन सहकारी समिति अटसू व साधन सहकारी समिति बाबरपुर केंद्र का निरीक्षण किया गया था। दोनों की प्रभारियों द्वारा क्रय किए गए गेहूं का प्रेषण भारतीय खाद्य निगम डिपो न कर अनावश्यक रुप से गेहूं के बोरे केंद्र पर फैलाकर रखे गए थे और जगह का हवाला देते हुए खरीद बंद किए थे। बाबरपुर में टोकन रजिस्टर में दर्ज किसानों का गेहूं न खरीदकर अन्य किसानों का गेहूं खरीदा जा रहा है। विक्रेता किसानों के क्रम का उल्लंघन कर भुगतान किया गया था। जिला विपणन अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर दोनों केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता को निर्देश दिए हैं।