फास्ट ट्रैक कोर्ट ने थाना अछल्दा क्षेत्र के बधुआ गांव निवासी कालीचरन व उसके तीन बेटों को अनुसूचित जाति के लोगों से मारपीट कर घायल कर देने के आरोप में तीन-तीन वर्ष का साधारण कारावास व छह- छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट राज बहादुर सिंह मौर्या ने थाना अछल्दा क्षेत्र के ग्राम बधुआ निवासी कालीचरन व उसके तीन पुत्रों को अनुसूचित जाति के लोगों को मारपीट कर घायल कर देने के आरोप में तीन तीन वर्ष के साधारण कारावास व छह- छह हजार रुपये अर्थ दंड की सजा से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार बधुआ निवासी वादी परशुराम जाटव ने मुकदमा दायर किया था कि 22 सितंबर 2005 को सुबह 10 बजे वह खेतों से चारा काट रहा था। उसी समय आरोपी कालीचरन व उनके तीन बेटे साहब सिंह, अहिरवन सिंह व जगदीश ने खेतों से गुजरने का आरोप लगाकर जाति सूचक गालियां दी। विरोध करने पर लाठी डंडोें से मारा पीटा।
बचाने आई पत्नी ज्ञानवती व बेटी को भी पीटा। पुलिस ने नहीं सुनी तो उसने कोर्ट में 323, 504, 506 व अनु जाति अधिनियम का परिवाद दायर किया। अनु. जाति निवारण अधिनियम राजबहादुर सिंह मौर्या की कोर्ट में परिवाद चला। दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपी कालीचरन, अहिरवन सिंह, जगदीश को दोषी माना और चारों को तीन-तीन वर्ष के साधारण कारावास व कुल 6- 6 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। सभी सजायें साथ- साथ चलेंगी।