कोतवाली क्षेत्र के कखावतू गांव में 19 नवंबर की सुबह गांव के बाहर आम के पेड़ पर एक किशोर का शव फांसी पर झूलता मिला था। किशोर की मौत की गुत्थी हत्या और आत्महत्या में उलझ गई थी। अब मृतक के पिता ने गांव में रहने वाले बाप-बेटे पर मजदूरी के रुपये मांगने पर हत्या कर फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
कखावतू गांव निवासी वीरेंद्र कुमार पुत्र बाबूराम का 17 साल का बेटा दीपक गांव के ही कुछ लोगों के साथ काम करने बाहर गया था। वह नवंबर में वहां से चला आया। 19 नवंबर की सुबह दीपक का शव गांव के बाहर आम के पेड़ पर फांसी पर झूलता मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। उस समय दीपक की मौत को आत्महत्या माना जा रहा था। मृतक के पिता वीरेंद्र ने बताया कि बेटे ने दिलशाद पुत्र नसरुद्दीन के अंडर में काम किया था।
बेटे ने मजदूरी के रुपये मांगे तो दिलशाद व उनके पिता नसरुद्दीन ने जातिसूचक गालियां देकर भगा दिया। इसके बाद दीपक को फांसी लगाकर आम के पेड़ पर टांग दिया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल सुधाकर मिश्रा ने बताया कि जांच कर कार्रवाई की जाएगी।