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Auraiya News: फसल बर्बाद होने पर हाईटेंशन टावर पर चढ़ा किसान का बेटा

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फोटो-52- हाईटेंशन पोल पर चढ़ा सुमित। संवाद
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= नाला बंद होने से 150 बीघा धान जलमग्न, मुआवजे और सफाई की मांग पर अड़ा युवक अधिकारियों के आश्वासन पर उतरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
एरवाकटरा। नाला बंद होने से खेतों में भरे पानी ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। करीब 150 बीघा धान की फसल बर्बाद होने से परेशान नगला पहाड़ी निवासी किसान इंद्रपाल चौहान का 22 वर्षीय बेटा सुमित बुधवार दोपहर गांव के बाहर हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ गया। वह मुआवजे की मांग करते हुए राजस्व अधिकारियों को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा। करीब एक घंटे बाद पहुंचे अधिकारियों ने नियमानुसार क्षतिपूर्ति की कार्रवाई और नाले की सफाई कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद युवक नीचे उतरा।
सुमित ने बताया कि करीब दो सप्ताह पहले हुई बारिश के बाद खेतों में पानी भर गया था। निकासी नहीं होने से धान अंकुरित होकर नष्ट हो गया। उसकी नौ बीघा फसल भी बर्बाद हुई है। इससे परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। थानाध्यक्ष गंगादास गौतम ने मौके पर पहुंचकर युवक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़ा रहा। ग्रामीणों के अनुसार, करीब 30 से 35 वर्ष पहले बरौना खुर्द से मुर्चा मुसा, नगला दोबामाफी और एरवाकटरा होते हुए अरिंद नदी तक नाला बनवाया गया था। आरोप है कि एक दशक से अधिक समय से सफाई नहीं हुई है। मुर्चा मुसा के पास अतिक्रमण से जलनिकासी बाधित है। शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, जलभराव से उमेश सिंह की 35, रजपूत सिंह की 20, इंद्रपाल सिंह की नौ, उदयवीर सिंह की आठ, सुनील की पांच, रघुपाल, अमर और इंदल सिंह की चार-चार, रंजीत सिंह की तीन, ब्रजमोहन, रघुराज, मुकेश और मनोज सिंह की दो-दो तथा विनोद और छोटे सिंह की एक-एक बीघा फसल खराब हुई है। अन्य किसानों को भी नुकसान हुआ है।
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वर्जन-
नाला राजस्व नक्शे में दर्ज है, लेकिन धरातल पर नहीं है। जलनिकासी न होने से किसानों की धान की फसल में पानी भर गया। मामला सिंचाई विभाग से संबंधित है। -महेंद्र सिंह, तहसीलदार
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मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। फसल के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। नाले की खोदाई के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद नाले की खोदाई कराकर जलनिकासी की समस्या का समाधान कराया जाएगा। -मनीष सिंह, एसडीओ सिंचाई विभाग
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