तीन दिन से रुक-रुक कर हो रही बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं। इस
बारिश ने किसानों की फसलों को आक्सीजन देने का काम किया है। बारिश होने के
बाद भी उमस कम नहीं हुई है।
जिले में 48 घंटों में हुई बारिश से
किसानों को काफी राहत मिली है।15 अगस्त की देर शाम रुक-रुक कर हुई बारिश ने
किसानों के सूखे पड़े खेतों को पानी से लबालब कर दिया है। धान की पीली
पड़ती बेल में बारिश ने नई जान फूंक दी है।
किसानों ने अपने खेतों में
धान की रोपाई और बुवाई तेज कर दी है। सोमवार को भी बारिश के बाद उमस रही।
दोपहर में बूंदाबांदी से उमस बढ़ गई है।
चंद्रशेखर आजाद कृषि
विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा.अनिरुद्ध दुबे ने बताया कि
दक्षिणी-पश्चिमी हवाओं के चलने से उमस बनी हुई है।
24 घंटे में अभी
बारिश के आसार है। इसके बाद गर्मी बढ़ेगी। किसान भाई अपनी फसल की बुवाई
पूरी कर लें।19 अगस्त की दोपहर से मौसम खुल जाएगा।
अजीतमल में
सोमवार दोपहर झमाझम बारिश से गलियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जबकि
बारिश होने से किसानों के चेहरे खिले उठे हैं। झमाझम बारिश से आम आदमी को
राहत मिली है। लोगों को घरों तक पहुंचने के लिए जलभराव से होकर गुजरना
पड़ा।