बिधूना। शीत लहर के प्रकोप के बीच कड़ाके की सर्दी में रातभर जागकर किसान फसलों की रखवाली कर रहे हैं। हाथ में लाठी व टार्च लेकर खेत पर डेरा जमाए इन किसानों की रात दर्दभरी है। पारा इन दिनों रात के समय 10 डिग्री सेल्सियस के नीचे आ जा रहा है। छुट्टा मवेशी कहीं जरा सी लापरवाही में उनकी फसल न चट कर दें यह भय उन्हें सताता रहता है। इसी वजह से किसान रात में फसलों की पहरेदारी करने को मजबूर हैं।
जिले में वर्तमान में कुल 54 गोशालाओं में तकरीबन 12 हजार के करीब मवेशियों को संरक्षण दिया जा रहा है। सड़क व खेतों में छुट्टा मवेशी परेशानी का सबब न बने इसे लेकर जिले में 31 दिसंबर तक 2500 मवेशियों को पकड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक 1800 मवेशी पकड़ लिए गए हैं। फिर भी ग्रामीण क्षेत्र से लेकर शहरों में छुट्टा मवेशी घूमते नजर आते है। इनसे सबसे ज्यादा फसल को नुकसान होने का अंदेशा रहता है। ऐसे में किसानों की चिंता लाजमी है। किसान शासन-प्रशासन से छुट्टा मवेशियों की समस्या को दूर करने की लगातार मांग करते रहे हैं।
अमर उजाला की पड़ताल में खेत-खेत रखवाली करते नजर आए किसान
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फोटो21एयूआरपी 13- पसुआ गांव में खेत की रखवाली करते किसान दिनेश सिंह व शैलेंद्र सिंह। संवाद
खेत की रखवाली करने में बीत जाती रात
पसुआ गांव में पड़ताल के दौरान खेत पर किसान दिनेश सिंह व शैलेंद्र सिंह रखवाली करते मिले। हाथ में टार्च व लाठी लिए मेड़ पर खड़े होकर छुट्टा मवेशियों को आवाज देकर भगाने का दोनों किसान प्रयास कर रहे थे। पूछने पर बताया कि यह रोज करना पड़ता है। छुट्टा मवेशी एक रात में फसल चट कर जाते। रात खेत पर बीत जाती है। यहां आसरा भी बना लिया है।
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फोटो21एयूआरपी 14- फसल की रखवाली करता अनुराग। संवाद
फसल की रखवाली करता मिला किसान का बेटा
गांव भगवानपुरा में पड़ताल के दौरान किसान अरविंद कुमार का बेटा अनुराग खेत की रखवाली करता मिला। पूछने पर बताया कि पिता की तबीयत खराब है। वह रोजाना खेत की पहरेदारी करते थे। सर्दी लग जाने की वजह से उनकी तबीयत बिगड़ गई है। अब वह रखवाली कर रहा है।
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फोटो21एयूआरपी 15- भैंसलोट गांव में फसल की रखवाली करते किसान सुखवीर यादव व घनश्याम सिंह। संवाद
एक रात चूके तो फसल से धो बैंठेंगे हाथ
भैंसलोट गांव में पड़ताल के दौरान फसल की रखवाली करते किसान सुखवीर यादव व घनश्याम सिंह मिले। गेहूं व आलू की फसल के चारो ओर घूमते हुए शोर मचाकर मवेशियों को भगा रहे थे। पूछने पर बताया कि एक रात भी चूके तो फसल से हाथ धो बैंठेंगे। रोजाना बार्डर पर तैनात सैनिकों की तरह करते हैं फसल की सुरक्षा। कड़ाके की ठंड में यह मजबूरी छुट्टा मवेशियों के चलते हैं।
बोले जिम्मेदार
शासन से 2500 मवेशियों को पकड़ने का लक्ष्य मिला था। 1800 से ज्यादा छुट्टा मवेशी पकड़कर गोशाला पहुंचा दिए गए हैं। नगर निकायों से लेकर ब्लाक स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -भगवान सिंह, पशु चिक्तिसाधिकारी