फोटो-11-अंतिम संस्कार के लिए खेत में पड़ी लकड़ियां। संवाद
अटसू (औरैया)। कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलावा में शनिवार को किसान के अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच उसकी पत्नी ने हंगामा शुरू कर दिया।
विवाद इतना बढ़ा कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस ने अंतिम संस्कार के दौरान चिता से शव को उठा लिया। छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मामला जमीन की वसीयत और घरेलू कलह से जुड़ा बताया जा रहा है।
गांव बिलावा निवासी साहब सिंह पाल (50) शुक्रवार को अपने खेत पर बने सबमर्सिबल के पास मृत अवस्था में मिले। परिजन का कहना था कि वह लंबे समय से टीबी की बीमारी से ग्रसित थे, उनका इलाज चल रहा था। शनिवार सुबह परिजन शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर चुके थे।
इसी दौरान साहब सिंह की पत्नी मंजो देवी अपनी बहन सरला देवी के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने जमीन को लेकर आपत्ति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच पिछले पांच साल से अनबन चल रही थी। मंजो देवी इटावा के थाना भरथना के गांव इंद्रोसी में अपने मायके में रह रही थीं।
ग्रामीणों के अनुसार साहब सिंह ने अपनी करीब चार बीघा कृषि भूमि की वसीयत अपने भाई कुंवरपाल, भाभी मिथिलेश और भतीजे-भतीजी के नाम कर दी थी। इसी वसीयत को लेकर उसकी पत्नी ने मौत पर संदेह जताते हुए विवाद खड़ा किया।
हंगामे की सूचना पर अपराध निरीक्षक रामचंद्र फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद शव चिता से उठवाया गया। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में बीमारी से मौत की बात सामने आई है। पत्नी के संदेह पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।