अटसू। गांव विलाबा के चालक बृजेश कुमार पाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला गहराता जा रहा है। मंगलवार सुबह परिजन ने हत्त्काया का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर हंगामा किया और एसपी को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बृजेश की मौत फांसी लगने से होने की पुष्टि हुई है।
सोमवार सुबह बृजेश का शव गांव के बाहर एक पेड़ पर फंदे से लटका मिला था। उसके दोनों हाथ पीछे बंधे हुए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल की गहन छानबीन की। पुलिस को वहां से एक आत्महत्या नोट भी मिला, जिसमें प्रेम प्रसंग और कथित धोखे का जिक्र होने की बात सामने आई है। दूसरी ओर, मृतक के परिजन ने शुरू से ही इसे आत्महत्या मानने से इन्कार किया है। उन्होंने बृजेश की हत्या की आशंका जताई है। परिजन के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके बाद शव का परीक्षण कराया गया।
मंगलवार सुबह शव परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद परिजन ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। वे पुलिस अधीक्षक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। बढ़ते तनाव को देखते हुए अजीतमल के क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजन को काफी देर तक समझाया और मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस आश्वासन के बाद परिजन शांत हुए और सुबह करीब 11 बजे के बाद युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच हर पहलू से की जा रही है। इसमें शव परीक्षण रिपोर्ट, घटनास्थल से बरामद साक्ष्य और आत्महत्या नोट जैसे अहम बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई करेगी। जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आ पाएगी।
मौत के पहले प्रेमिका से हुई थी बात
चालक की मौत के मामले में कोतवाली पुलिस ने कई डिजिटल साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस जांच के अनुसार, मौत के पहले मृतक ने पास के गांव निवासी प्रेमिका से फेसबुक पर बात की थी। इसके बाद चार दोस्तों को उसकी फोटो भेज कर धोखा देने की बात कही थी। इसके बाद सोमवार सुबह उसका शव फंदे से लटका मिला था। पुलिस को कई ठोस साक्ष्य मिले हैं। जल्द मामले का पुलिस खुलासा कर सकती है।
फोटो-16-बृजेश। फाइल फोटो