सत्यापन के बाद फर्जी अभिलेखाें के आधार पर बर्खास्त कानपुर मंडल के 11 टीचराें में 10 टीचरों की फर्जी डिग्री में लखनऊ विश्वविद्यालय की मोहर लगी मिली। जबकि एक अन्य बर्खास्त टीचर ने नौकरी हथियाने के लिए झांसी विश्वविद्यालय का सहारा लिया है।
जेडी के बर्खास्तगी की कार्रवाई के दायरे में आए माध्यमिक टीचरों में ज्यादातर टीचरों ने लखनऊ विश्वविद्यालय के शैक्षिक अभिलेख दर्शाकर नौकरी प्राप्त की थी। जेडी कार्यालय की ओर से कराए गए सत्यापन रिपोर्ट की माने तो बर्खास्तगी के दायरे में आए कन्नौज, इटावा, औरैया जिलों के 11 टीचरों में से 10 टीचरों ने लखनऊ विश्वविद्यालय की मोहर लगे शैक्षिक अभिलेख प्रस्तुत कर नौकरी हथियाई थी। जबकि औरैया में राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मानपुर में गणित-विज्ञान की फर्जी डिग्रियां लगाकर सत्यजीत ने नौकरी के लिए रानी लक्ष्मीबाई विश्वविद्यालय झांसी का सहारा लिया था। सत्यापन में उक्त विश्व विद्यालयों ने माध्यमिक टीचरों के शैक्षिक अभिलेख को फर्जी करार दिया है।
हरदोई के हैं ज्यादातर मुन्ना भाई
फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल कर बर्खास्त हुए ज्यादातर टीचर हरदोई जिले के मूल निवासी हैं। इनमें कन्नौज में तैनात रहे सभी बर्खास्त माध्यमिक टीचर हरदोई जिले के हैं। वहीं इटावा के बर्खास्त टीचर भी हरदोई जिले के हैं। सत्यजीत मूल रूप से जालौन जनपद तथा अन्य बर्खास्त टीचर भी हरदोई जिले के निवासी हैं।
राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में नियुक्ति हुए टीचरों के शैक्षिक अभिलेखाें के सत्यापन जारी है। विश्वविद्यालय रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
राजेंद्र प्रसाद, जेडी, डीडीआर कार्यालय, कानपुर