वर्ष 2015-16 में मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना के तहत 76 तालाबों को जल संरक्षण के लिए तैयार करना था। विकास खंड प्रशासन की ओर से लक्ष्य के सापेक्ष तालाबों पर काम कराकर उनकी सूरत भी संभाली गई। लेकिन बरसात के मौसम के बाद उन तालाबों में मिट्टी का कटान होने से उनकी हालत पहले ही जैसी हो गई।
जिम्मेदारों की अनदेखी से योजना के तहत पिछले सत्र में जीर्णोद्धार कराए गए तालाब जहां से चले थे, वहीं पर खड़े हैं जैसी में देखे जा रहे हैं। इसका नजारा हाइवे पर स्थित ग्राम मिहौली के मृतप्राय तालाब को देखने से मिलता है पिछले सत्र में योजना के तहत इस तालाब का जीर्णोद्धार कराया गया था। आज इस तालाब से पानी गायब है और उसकी हालत भी बदहाल देखी जा सकती है।
इंसेट
फैक्ट फाइल --
ब्लाक में कुल तालाब - 417
पानी भरे तालाब - 47
खाली तालाबों की संख्या - 370
योजना के तहत चयनित तालाब - 77
पिछले साल चयनित किए तालाब - 76
जीर्णोद्धार दौर में चल रहे तालाब - 19
यह है योजना --
प्रदेश सरकार की ओर से मुख्यमंत्री जल बचाओ योजना जिले में साल 2015-16 में शुरुआत हुई थी। योजना का मुख्य उद्देश्य गावों में विलुप्त/क्षतिग्रस्त की श्रेणी में पहुंच चुके तालाबों को मनरेगा के माध्यम से सूरत संवार कर उन्हें जल संरक्षण के अनुकूल बनाना है।
इंसेट --
77 में 19 पर हो रहा काम
औरैया। मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान के तहत मौजूदा वित्तीय वर्ष में विकास भवन मुख्यालय की ओर से सदर ब्लाक के 77 तालाबों का जीर्णोद्धार कराकर उसमें पानी संरक्षित करने का लक्ष्य सौंपा गया है। इसके लिए चिंहित किए गए तालाबों में से 23 तालाबों का धरातल पानी से भीगा हुआ है। 19 तालाबों पर काम जारी है जबकि 12 और तालाबों का स्टीमेट बनाया जा रहा है।
कोट --
नवीन वित्तीय साल में राज्य वित्त मद की धनराशि प्राप्त होते ही तालाबों का जीर्णोद्धार का काम शुरू करा दिया गया है। अब तक 20 फीसदी तालाबों को पानी संरक्षित करने के लिए तैयार भी कर लिया गया है। शेष तालाबों का काम समय रहते पूरा कराने का प्रयास कराया जा रहा है। - एचडी श्रीवास्तव, बीडीओ, सदर