फफूंद रेलवे स्टेशन पर डेडीकेटिड फ्रेट कारीडोर के किनारे लगाई गई फेनसिंग
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औरैया। दिव्यांगों, बीमारों व बुजुर्गों का आदर्श रेलवे स्टेशन फफूंद पर पहुंचना अब बहुत ही मुश्किल भरा काम होगा। इसका कारण रेल फ्रेट कारीडोर पर लोगों एवं पशुओं का प्रवेश रोकने के लिए बनाई जा रही आरसीसी की फेनशिंग है। लोगों ने टूंडला रेलवे स्टेशन की भांति फफूंद में भी अलग से रैंप युक्त ओवरब्रिज बनवाए जाने की मांग की है।
मालगाड़ियों को अलग मार्ग से निकालने के लिए डेडीकेटिड फ्रेट कारीडोर का निर्माण हो रहा है। इसका निर्माण कार्य पूरा होने के बाद मालगाड़ियों के कारण यात्री ट्रेनों की गति पर ब्रेक नहीं लगेगा। साथ ही यात्री ट्रेनें समय पर चल सकेंगी। फफूंद रेलवे स्टेशन पर गुजरने वाले डेडीकेटिड फ्रेट कारीडोर पर मवेशियों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए यहां पर आरसीसी से निर्मित फेनशिंग लगाने का काम शुरू कर दिया गया है।
दिबियापुर के निवासियों का कहना है कि पहले से ही बुजुर्ग, बीमार एवं दिव्यांगों के लिए रेलवे स्टेशन प्लेटफार्मों तक पहुंचना बड़ा ही मुश्किल काम था। प्लेटफार्मों तक व्हील चेयर के माध्यम से पहुंचने का कोई रास्ता न होने के कारण असहाय व बुजुर्ग यात्रियों को उनके साथी यात्री अपनी गोद या कंधे पर लेकर रेलवे ट्रैक पार कराते थे। परंतु अब आरसीसी की फेनशिंग लग जाने के बाद यह उपाय भी समाप्त हो जाएगा।
स्टेशन पर काम कर रहे कर्मियों ने बताया कि आबादी वाले क्षेत्र में स्टेशन से केंजरी गांव तक यह फेंनशिंग बनवाई जा रही है। दिबियापुर में वरिष्ठ नागरिक कल्याण समिति के पदाधिकारी हरी कुमार पालीवाल ने मांग की है कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्मों तक दिव्यांगों, बुजुर्गों एवं बीमारों को व्हील चेयर से पहुंचने के लिए रैंप युक्त ओवरब्रिज का निर्माण कराया जाए। इस संबंध में डेडीकेटिड फ्रेट कारीडोर के सहायक परियोजना प्रबंधक डीएस पाल का कहना है कि रैंप युक्त ओवर ब्रिज बनवाना इंडियन रेलवे का काम है। जहां पर आबादी वाला क्षेत्र होता है वहां पर फेनशिंग का काम कराया जाता है, ताकि हादसा न हो। स्टेशन अधीक्षक अर्जुन सिंह के अनुसार रैंप युक्त ओवरब्रिज उच्चाधिकारियों के आदेश पर ही बनना संभव है।