औरैया। बिधूना स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय के संचालित होने को लेकर दो साल से किए जा रहे इंतजार की घड़ियां अब खत्म होने जा रहीं है। 13 मार्च से अस्पताल का विधिवत संचालन शुरू हो जाएगा। अधीक्षक ने सोमवार को चार्ज संभाला है। वहीं एक बाबू ने भी ज्वाइन किया है। 10 अन्य स्टाफ 13 मार्च तक ज्वाइन कर लेंगे। वहीं सोमवार को अस्पताल में साफ-सफाई के साथ ही फर्नीचर की खेप पहुंची है।
बिधूना में छह करोड़ 93 लाख रुपये की लागत से 50 बेड के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल की बिल्डिंग को तैयार किया गया। छह नवंबर 2021 को सूबे के मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया। दो साल से लटके अस्पताल के संचालन को लेकर 19 जनवरी को डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक ने ट्वीट करते हुए चिकित्सीय स्टाफ की तैनाती के संबंध में जानकारी साझा की।
डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी चिकित्सकों व स्टाफ ने यहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया। मामले में अमर उजाला के नौ मार्च के अंक में स्वास्थ्य विभाग से लेकर स्वास्थ्य मंत्री ट्वीट व लोकार्पण के बाद से लटके संचालन को लेकर प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया। नेत्र रोगियों के रेफर होने से लेकर सभी बिंदुओं जगह देते हुए सवाल खड़े किए। मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ स्तर से जहां अस्पताल को फर्नीचर मुहैया कराते हुए सफाई शुरू कराई गई।
वहीं, सोमवार को कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय व ट्राॅमा सेंटर कानपुर नगर में तैनात रहे डॉ. धीरेंद्र कुमार सक्सेना ने नेत्र चिकित्सालय में अधीक्षक का चार्ज संभाला। इसके साथ ही बाबू अभिषेक ने भी ज्वाइन कर लिया। जिले की सीएचसी पीएचसी व अस्पतालों में तैनात 10 चिकित्सीय स्टाफ को भी सीएमओ ने रिलीज करते हुए नेत्र चिकित्सालय में तैनाती ग्रहण करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
13 मार्च से बिधूना नेत्र चिकित्सालय का संचालन शुरू हो जाएगा। यहां अधीक्षक ने चार्ज संभाल लिया है। एक बाबू ने भी ज्वाइन कर लिया है। अन्य स्टाफ 13 मार्च तक ज्वाइन कर लेंगे। जिन्हें संबंधित सीएचसी, पीएचसी व अन्य जगहों से रिलीज करने के निर्देश दे दिए गए हैं। नेत्र चिकित्सालय में फर्नीचर पहुंचा दिया गया है। साफ-सफाई कराई जा रही है। -डॉ. सुनील कुमार वर्मा, सीएमओ