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Auraiya News: बेहतर तकनीक के लिए नेत्र चिकित्सालय को मिले 25 लाख

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औरैया। देर से ही सही स्वास्थ्य महकमे ने डॉ. राम मनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय बिधूना के लोकार्पण के चार साल बाद अपनी नजरें इनायत कर दी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को आंखों के इलाज के लिए अब गैर जनपदों की भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। उन्हें ये सुविधा खुद के अस्पताल में मिलेगी। यहां पर सहूलियत देने को शासन ने अस्पताल में उपकरणों की खरीद के लिए 25 लाख मंजूर किए हैं। जल्द आधुनिक मशीनें खरीदी जाएंगी जिससे नई तकनीक से ऑपरेशन होंगे।
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करीब सात करोड़ की लागत से इस अस्पताल का निर्माण हुआ था। बिधूना कस्बा स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेत्र चिकित्सालय का वर्ष 2021 में सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोकार्पण किया था। अस्पताल का भवन तो मिला लेकिन लोकार्पण के तीन साल बाद साल 2024 में सर्जन, फिजीशियन, एनस्थेटिक से लेकर अन्य स्टाफ की तैनाती की जा सकी थी। इस तैनाती के बाद से यहां पर आंख रोगियों का पहुंचना शुरू हुआ। यहां पर अभी तक महज चिकित्सीय परामर्श व दवा की सुविधा मरीजों को मिल रही है। आंखों के ऑपरेशन को लेकर यहां पर जरूरी उपकरणों का टोटा है। ऐसे में जिले के मरीजों को गैरजनपद का रुख करना पड़ रहा है। खास तौर पर मोतियाबिंद के रोगियों को ऑपरेशन के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। यह हालत तब है जबकि अस्पताल में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) पूरी तरह से तैयार है। इसमें फेको मशीन से मोतियाबिंद ऑपरेशन, स्लिट लैम्प से आंखों की जांच, नंबर जांच, अप्थाल्मोस्कोप और रेटिनोस्कोप जैसे उपकरण लगाए गए हैं। साथ ही ऑपरेशन के लिए माइक्रोस्कोप, सर्जिकल सेट, स्टरलाइजेशन यूनिट और सेक्शन मशीन भी जुटाई गई है। अब शासन स्तर से जारी किए गए 26 लाख से नेत्र चिकित्सालय में ऑपरेशन शुरू हो जाएंगे।
बोले जिम्मेदार
नेत्र चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. धीरेंद्र कुमार सक्सेना ने बताया कि निरंतर पत्राचार और प्रयासों के बाद आखिरकार अस्पताल में कुछ उपकरण शासन पहले उपलब्ध कराने को हरी झंडी दे दी गई है। इन संसाधनों से अब मरीजों को आंखों की जांच, मोतियाबिंद सहित अन्य ऑपरेशनों की सुविधा यहीं पर मिलेगी। उपकरणों की खरीदारी शासन स्तर से की जा रही है।
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रोजाना आते 15-20 आंख रोगी
नेत्र चिकित्सालय में रोजाना 15 से 20 तक आंख रोगी पहुंच रहे हैं। मगर उन्हें वहां पर महज परामर्श व दवाएं ही मिल पा रही हैं। ऑपरेशन की सुविधा के लिए मरीजों को इंतजार करने की सलाह दी जा रही है। उपकरणों के अभाव में मरीज कानपुर, आगरा ग्वालियर व चित्रकूट आदि जगहों पर जाकर इलाज करा रहे हैं।
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इन उपकरणों की होगी खरीद
सीटीजी मशीन, एनेस्थेटिक वर्क स्टेशन, इलेक्ट्रोस्टी, डिफ्रीलेटर, इलेक्टि्रकल डि्रल, डीप फ्रीजर।
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