औरैया। जिले में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से शनिवार को बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। औरैया, अजीतमल तहसील क्षेत्र के 15 फीडरों से जुड़े लगभग 300 गांवों की आपूर्ति ठप बनी हुई है। इन गांवों के घरों में अंधेरा छाया है। बिजली न आने से पेयजल और सिंचाई के साथ की परेशानी खड़ी हो गई। व्यवस्था संभालने के लिए प्रशासन ने बिजली केंद्रों पर राजस्व कर्मचारियों की ड्यूटी लगा फाल्ट दूर कराने शुरू किए हैं।
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने से सदर डिवीजन के दो नंबर कखावतू बिजली केंद्र केे तीन फीडर कांशीराम, कादलपुर व करियापुर की आपूर्ति ठप बनी हुई है। वहीं, अजीतमल उपकेंद्र के रमपुरा, रमपुरा कृषि, अनंतराम, अनंतराम ग्रामीण एवं कृषि फीडर की आपूर्ति भी बंद पड़ी है। जिससे इससे जुड़े लगभग 50 गांवों में रात भर अंधेरा छाया रहा। अछल्दा क्षेत्र के गांव मुखे मड़ैया की आपूर्ति 90 घंटे से बहाल नहीं हो सकी है।
फफूंद क्षेत्र के केशमपुर सब स्टेशन के पाता फीडर का फाल्ट सही न किए जाने से इससे जुड़े गांव पुरवा आशा, पाता, सहनगरा, मिरगांवा, धरमपुर जहूर अली, कासिम नगर, लोहरई समेत पचास गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी रात ठप रही। जिससे सुबह लोगों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। ऐरवाकटरा फीडर शनिवार दो बजे के करीब बंद हो गया। इससे जुड़े 100 गांवों की बिजली गुल हो गई। हरचंद्र उपकेंद्र का फीडर शुक्रवार रात 11 से बंद रहा। इससे 50 गांव की बिजली गुल रही। वहीं, तिवर लालपुर उपकेंद्र के भरतौल, जुहीखा व सेंगनपुर फीडर की आपूर्ति ध्वस्त होने के साथ उपकेंद्र से जुड़े सभी गांवों में अंधेरा छा गया। उधर, अयाना उपकेंद्र से जुड़े नवादा, कस्बा जाना फीडरों आपूर्ति ठप हो गई। बीझलपुर पीटीडब्ल्यू की आपूर्ति फाल्ट के चलते बंद है। ग्रामीणों का कहना है कि बीहड़ी क्षेत्र होने की वजह से रात में जंगली जानवरों व जहरीले कीड़ों का प्रभाव अधिक रहता है। बताया कि पहले शासन की ओर से मिट्टी का तेल वितरित किया जाता था। अब वह भी बंद कर दिया गया है। विद्युत आपूर्ति गुल होने के बाद अंधेरे में लोगों को जंगली जानवरों व जहरीले कीड़ों का शिकार होने का खतरा बढ़ जाता है।
शहर में सात घंटे आपूर्ति ठप रहने से पेयजल संकट गहराया
देवकली मंदिर के पास स्थित 132 केवी उप बिजली संस्थान से शुक्रवार देर रात दो बजे आपूर्ति ठप किए जाने से पूरे शहर की बिजली गुल हो गई। मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही सक्रिय हुए राजस्व कर्मचारियों ने केंद्र पर पहुंचकर आपूर्ति बहाल कराई। जिसके चलते सुबह लगभग नौ बजे शहर की बिजली शुरु हो सकी। इससे लोगों के सामने पानी का संकट गहराया रहा।
आपूर्ति ठप होने से कोल्ड स्टोरेज व मटर प्लांट का संचालन प्रभावित
अजीतमल क्षेत्र के चपटा उपकेंद्र से जुड़े फीडर बंद रहने से क्षेत्र में संचालित हो रहे कोल्ड स्टोरेज व मटर प्लांट की लाइन बंद रही। कोल्ड स्टोरेज की लाइन बंद होने से जनरेटर चलाना पड़ रहा है। अनंतराम स्थित श्याम कोल्ड स्टोरेज के मैनेजर संजीव पाठक ने बताया रात से आपूर्ति गुल रहने के कारण जेनरेटर चलाना पड़ रहा है। जिससे प्रतिदिन के हिसाब से लगभग पचास हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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तीसरे दिन मांगों को लेकर आवाज उठाते रहे बिजली कर्मचारी
14 सूत्री मांगों को लेकर बिजली कर्मचारियों की चल रही हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान मांगों को पूरा किए जाने को लेकर बिजली कर्मचारी मंडल अभियंता कार्यालय के बाहर दहाड़ते रहे। कर्मचारियों ने साफ तौर पर कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार विचार नहीं करती है, तब तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी। उन्होंने सरकार की दोहरी नीति के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया।