औरैया। ओवरलोडिंग की मार से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे भी नहीं बच पाया। ओवरलोड वाहनों के गुजरने से एक्सप्रेसवे के पुलों में लगे बेयरिंग जवाब देने लगे हैं। मिहौली के पास पुल के बेयरिंग खराब होने से एक किलोमीटर तक रूट डायवर्ट कर एक ही ओर से वाहन निकलवाए जा रहे हैं।
राहगीरों को सुविधा और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 14850 करोड़ की लागत से 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का निर्माण यूपीडा की ओर से करवाया गया था। 16 जुलाई 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्सप्रेसवे का उद्धाटन कर जनता को सौगात दी थी। एक्सप्रेसवे शुरू होते ही इस पर भी ओवरलोडिंग का खेल शुरू हो गया। उद्धाटन के एक साल भी पूरे नहीं हुए, पर एक्सप्रेसवे क्षतिग्रस्त होने लगा है।
दिन-रात एक्सप्रेसवे पर ओवरलोड मौरंग लदे ट्रक, ईंटें लदे ट्रैक्टर बेरोकटोक गुजरते हैं। इससे एक्सप्रेसवे के माइल संख्या 140 मिहौली के पास पुल की बेयरिंग खराब हो गईं। इससे आगरा जाने वाली लेन बंदकर रूट डायवर्ट कर कर दिया गया है। यूपीडा अधिकारियों ने आगरा जाने वाली लेन पर बैरिकेडिंग कर माइल संख्या 140 से 141 तक चित्रकूट लेन पर दोनों ओर के वाहन निकलवा रहे हैं। करीब आठ दिनों से एक लेन बंद कर मरम्मत की जा रही है।
यूपीडा के सुरक्षा इंस्पेक्टर वीएस राठी ने बताया कि एक्सप्रेसवे के पुलों में लगे बेयरिंग की क्षमता 80 टन है, जबकि एक्सप्रेसवे से 160 व इससे अधिक भार लादकर वाहन गुजर रहे हैं। दोगुने से अधिक भार गुजरने की वजह से बेयरिंग खराब हुए हैं। आठ दिनों से रूट डायवर्ट कर वाहन गुजारे जा रहे हैं। पुल में अधिक भार क्षमता के बेयरिंग लगाए जा रहे हैं। मरम्मत कार्य पूरा होने रूट बहाल किया जाएगा।
एक्सप्रेसवे का बिचौलिया पुल भी हुआ था क्षतिग्रस्त अछल्दा क्रासिंग नंबर 14 के बिचौलिया पुल में 14 मार्च को दरार आ गई थी। इस पर यूपीडा की ओर से माइल संख्या 269 से 271 तक रूट डायवर्ट कर एक ही लेन से वाहन निकलवाने पड़े थे। मरम्मत कार्य के दौरान एक ही लेन से वाहन गुजरने की वजह से कई हादसे भी हुए थे। यूपीडा ने पुल की मरम्मत कर यातायात बहाल किया गया था।
ओवरलोडिंग से अक्सर होते हैं हादसे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से मौरंग लदे ओवरलोड ट्रक तय गति सीमा से अधिक स्पीड से गुजरते हैं, जिससे आए दिन एक्सप्रेसवे पर एक न एक हादसा होता रहता है। अक्सर मौत भी हो जाती हैं। एक्सप्रेसवे पर चढ़ने के दौरान जांच न होने और तेज रफ्तार वाहनों के चालान न काटे जाने की वजह से वाहन चालक मनमाने तरीके से वाहन को चलाते आते हैं।
शेरगढ़ यमुना पुल जर्जर होने से एक्सप्रेसवे पर बढ़ी ओवरलोडिंग जालौन के डकोर व कालपी के मौंरग घाटों से ओवरलोड मौरंग लदे हुए ट्रक पहले बिलराया-पनवाड़ी मार्ग से होकर गुजरते थे। इस रूट पर पड़ने वाले शेरगढ़ यमुना घाट के बेयरिंग भी ओवरलोडिंग के चलते खराब हो जाने से भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है। तभी से यह ओवरलोड वाहन बुंदेलखंड एक्सप्रेस से होकर गुजर रहे हैं।