औरैया। राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थान अब तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल बनेगा। औरैया में भी दो राजकीय पॉलिटेक्निक सेहुद व हैदरपुर पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुने गए हैं। प्रत्येक संस्थान में एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना होगी।
यह सेंटर टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से बनेंगे। यहां अत्याधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रशिक्षण के जरिए तकनीकी शिक्षा दी जाएगी।
प्रदेश सरकार और टीटीएल के संयुक्त प्रयास से बनाए जा रहे इन सेंटरों को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शामिल किया गया है। पहले चरण में प्रदेश के 45 पॉलिटेक्निक चुने गए हैं। इनमें औरैया के एमएमआईटी पॉलिटेक्निक सेहुद व बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर राजकीय पॉलिटेक्निक हैदरपुर शामिल हैं।
इन संस्थानों के परिसर में 1800 वर्ग फीट क्षेत्रफल में एक्सीलेंस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इसमें हाईटेक मशीनें, अत्याधुनिक कार्यशाला, बहुद्देशीय हॉल और स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष शामिल होंगे। छात्रों को स्मार्ट ऑटोमेशन, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसी आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही 13 नए कोर्स शुरू किए जाएंगे, जो छात्रों को स्टार्टअप और उद्यमिता की दिशा में भी मार्गदर्शन देंगे।
एमएमआईटी पॉलिटेक्निक के प्राचार्य राजेंद्र कुमार ने बताया कि टाटा कंपनी ने छह माह पहले एमएन आईटी पॉलिटेक्निक में एक्सीलेंट सेंटर बनाने के लिए चयनित किया था। सेंटर टाटा के सहयोग से विकसित किया जाएगा। फिलहाल अभी कोई कार्य नहीं शुरू हुआ है।
प्रत्येक सेंटर पर 57.32 करोड़ होंगे खर्च
प्रत्येक एक्सीलेंस सेंटर पर 57.32 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 13 प्रतिशत राशि राज्य सरकार, जबकि शेष टीटीएल द्वारा वहन की जाएगी। वहीं सात करोड़ रुपये की अतिरिक्त लागत से प्रशिक्षण कक्ष और अन्य निर्माण कार्य किए जाएंगे, जिसका पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। प्राविधिक शिक्षा विभाग ने इस परियोजना को लेकर निर्देश जारी किए हैं। गूगल मीट से कॉलेज के प्रधानाचार्य को तकनीकी जानकारी दी जा चुकी है। ऐसे में जल्द ही जमीन पर उतरने लगेगा।