जानकारी देते एलएलबी पांचवीं व तीसरे सेमेस्टर के परीक्षार्थी।
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शहर के तिलक महाविद्यालय में सोमवार को एलएलबी तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा लीक पेपर से करा दी गई। यह पेपर शनिवार को पांचवें सेमेस्टर के परीक्षार्थियों को बांटा गया था, फिर गलती की जानकारी पर कालेज प्रशासन ने इन्हें दोबारा लिफाफे में रख लिया गया। इधर, छात्रों ने बीते रविवार को लीक पेपर बेचे जाने की बात कही है। सोमवार को शहर के गुलाब सिंह महाविद्यालय के एलएलबी तीसरे पांचवें सेमेस्टर के परीक्षार्थियों ने बताया कि शनिवार को तिलक महाविद्यालय में उनका का पंाचवें सेमेस्टर का हृयूमन राइट का पेपर था। इस दौरान विद्यालय प्रशासन की ओर से उन्हें तीसरे सेमेस्टर का प्रॉपर्टी लॉ का पेपर वितरित कर दिया गया। इसमें परीक्षार्थियों ने जैसे ही पेपर हाथ में लेकर पढ़ा तो उन्हें जानकारी हुई।
हालांकि इस दौरान कई परीक्षार्थियों ने उस प्रश्न पत्र पर अपने-अपने रोल नंबर भी लिख दिए थे। जानकारी पर विद्यालय प्रशासन ने आनन-फानन में सभी वितरित प्रश्न पत्रों को एकत्रित कर उन्हें फिर से लिफाफे में बंद करके रख दिया गया। सोमवार को पेपर होने के बाद एलएलबी पांचवें सेमेस्टर के परीक्षार्थी राहुल राठौर, रविंद्र प्रजापति, ऋषभ अवस्थी, शिवम पांडेय, शिवम दुबे, अजय शुक्ला ने बताया कि पेपर लीक होने की जानकारी उन्होंने डीएम, कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन को ज्ञापन के जरिए भेज दी थी।
छात्रों ने यह भी बताया कि रविवार को भी एडीएम रामसवेक द्विवेदी को इसकी लिखित शिकायत की। साथ ही लीक पेपर को दो-दो हजार रुपये में बेेचे जाने की भी जानकारी दी थी। एडीएम और प्रभारी डीएम रामसेवक द्विवेदी ने बताया कि पेपर लीक होने की जानकारी मिली थी। इस पर यूनिवर्सिटी के अधिकारियों को सूचना दे दी गई थी। वहां से दो आब्जर्वर भेज दिए गए थे। सोमवार को सुबह 6 बजे खुले पेपरों को सुरक्षा में ले लिया था। बाद में तीसरे सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों को वितरित कराकर परीक्षा संपन्न कराई।
यूनिवर्सिटी के अधिकारियों की ओर से बताया गया कि यदि लीक पेपर के प्रश्न आउट होने का कोई भी सबूत सामने आता है तो लीक पेपर की परीक्षा निरस्त की कार्रवाई की जाएगी। तिलक महाविद्यालय के प्राचार्य अविनाश गुप्ता ने बताया कि शनिवार को गलत पेपर खुल गया था। पेपर दो-चार छात्रों को ही वितरित हो पाया था। जानकारी पर अपनी निगरानी में पेपर को दोबारा सील कर दिया था। इस बारे में परीक्षा नियंत्रक और कुलपति को बता दिया था। पेपर आउट होने की बात गलत है।