औरैया। कोविड के समय बिगड़े हालातों के बाद अब स्थितियां धीरे-धीरे पटरी पर आ रहीं हैं। हर माह की नौ तारीख को मनाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) की शुरुआत सोमवार से की जा रही है। इस दिन अब हर गर्भवती प्रसव पूर्व संपूर्ण जांच करा सकती है।
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ.अशोक कुमार ने बताया कि गर्भवती महिला प्रसव के लिए केंद्रों पर आ रही हैं लेकिन जांच के लिए नहीं। गर्भावस्था व प्रसव के समय होने वाले खतरों से मातृ एवं शिशु को बचाने के लिए प्रसव पूर्व जांच बहुत जरूरी है। बताया कि प्रदेश स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने विडियो के माध्यम से अनुरोध किया है कि कोरोना संक्रमण बाधा है, परंतु सतर्कता के साथ गर्भवती मां को खास होने का एहसास दिलाएं। हर महीने की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत उन्हें निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में लाएं। वहां नि:शुल्क जांच कराई जा सकती हैं। आशाओं को जिम्मेदारी दी गई है कि वे क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को इस दिवस पर केंद्र पर लाकर जांच जरूर करवाएं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला समुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक अजय कुमार का कहना है कि सतर्कता के साथ प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान को भी त्योहार की तरह मनाएं। जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता अखिलेश कुमार ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच कराना बहुत जरूरी होता है। इससे समय रहते दिक्कतों का पता लगाकर गर्भवती व बच्चे को बचाया जा सकता है।