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Auraiya News: अंतिम चेतावनी का भी नहीं असर, फिर रुक गया ईसीआरपी यूनिट का काम

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औरैया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने इस्तीफे से पहले कॉलेज परिसर में ईसीआरपी (इमरजेंसी कोविड रिस्पांस प्लान) यूनिट में फर्म को नोटिस व राजस्व को नुकसान बताने के बाद शुरू हुआ काम फिर से बंद हो गया है। वहीं फर्म को भुगतान पहले ही किया जा चुका है।
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मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अरविंद कुशवाह की ओर से जारी किए गए अंतिम चेतावनी पत्र में फर्रुखाबाद आवास विकास एसएस ट्रेडर्स फर्म को निशाने पर लिया गया था। इसमें ईसीआरपी यूनिट का काम पूरा न किए जाने की बात कही गई थी। पत्र में अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कानपुर मंडल के 20 फरवरी 2024 को जारी हुए पत्र का हवाला दिया गया। वहीं शासनादेश का भी जिक्र किया।
इसमें फर्म ने मानक के अनुरूप काम न करते हुए अधूरा छोड़ा जाना बताया गया था। फर्म की ओर से मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया और काम अभी तक अधूरा है। अंतिम चेतावनी पत्र में जिक्र किया गया था कि 29 मार्च 2023 को 100 शैया युक्त जिला चिकित्सालय के द्वारा 51.98 लाख के भुगतान का भी फर्म को कर दिया गया था। सरकारी राजस्व का दुरुपयोग करने की श्रेणी बताते हुए फर्म के विरुद्ध शासकीय कार्रवाई की संस्तुति की चेतावनी भी दी गई थी।
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सात मई को जारी हुए इस चेतावनी पत्र को लेकर स्वास्थ्य महकमे में खलबली मचने के बाद फर्म ने लंबित काम को कराना शुरू किया, लेकिन एक बार फिर से यहां ताला डालकर छोड़ दिया गया है। कहीं न कहीं आपात स्थिति में ईसीआरपी यूनिट का अहम योगदान होता है। मेडिकल कॉलेज के संचालन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी, लेकिन यूनिट का काम फर्म की मनमानी के चलते एक बार फिर से लटक गया है।

इन बिंदुओं पर ईसीआरपी यूनिट का काम बताया गया है अधूरा
- बेड हैड पैनल के पावर साॅकेट में विद्युत संयोजन नहीं किया गया है।

- सक्शन सिस्टम में विद्युत संयोजन नहीं किया गया है।

- इंटीग्रेटेट हाइब्रिड एचडीयू नर्सिंग स्टेशन की स्थापना का कार्य नहीं कराया गया है।

- एचडीयू व आईसीयू वार्ड में एयर कंडीशनिंग सिस्टम व एयर हेंडलिंग यूनिट की स्थापना नहीं हुई है।
ईसीआरपी यूनिट की मंशा

- गंभीर बीमारी खास तौर पर एक से दूसरे युवक में छूने व सांस के दौरान संपर्क में आने से फैलने वाली बीमारी वाले मरीजों को भर्ती करने के लिए ईसीआरपी यूनिट में विशेष सुरक्षित माहौल में मरीज को रखा जाता है। कोविड काल के दौरान इस यूनिट को धरातल पर उतारने की कवायद शुरू हुई थी। खास तौर पर आपात स्थिति में इस यूनिट को अमल में लाया जाता है।




वर्जन
‘मेडिकल कॉलेज के संचालन में ईसीआरपी यूनिट बहुत जरूरी है। अंतिम चेतावनी पत्र के जारी होने के बाद फर्म ने कुछ दिन काम कराया, अब बारिश के हवाला देकर फिर से काम रोक दिया है। जबकि काम भवन के अंदर उपकरणों को लगाने व वायरिंग से जुड़ा हुआ है। जल्द से जल्द यूनिट तैयार हो इसे लेकर सख्ती बरती जाएगी।’
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-डॉ. धर्मेंद्र कुमार, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
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