फोटो-11- दिबियापुर बाईपास पर किया जाता नाला निर्माण। संवाद
- फोटो : कानपुर में विजयी खिलाड़ी संगठन
औरैया। शहर के दिबियापुर बाईपास किनारे नाला निर्माण की चाल सुस्त है। तकरीबन 600 मीटर नाले का काफी हिस्सा अभी तक अधूरा है जबकि मानसून दस्तक देने जा रहा है।
समय से यदि नाला निर्माण पूरा न हुआ तो गोविंदनगर मोहल्ले के लोगों को एक बार फिर से जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ेगा। यहां पर तीन हजार से ज्यादा की आबादी रहती है।
शहर के दिबियापुर बाईपास किनारे बस्ती बसी है। मुख्य सड़क के बाद अंदर की बस्ती में हर साल जलभराव की समस्या खड़ी होती है। बारिश के दिनों में यहां का बहुतायत हिस्सा जलमग्न रहता है। स्थानीय लोगों की ओर से इस समस्या को लेकर हर साल सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन भी किए जाते हैं।
इस बार पालिका ने गोविंदनगर मोहल्ले में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए एक दर्जन से ज्यादा नालों का जाल बिछाने का काम शुरू किया था लेकिन बाईपास किनारे का नाला निर्माण छह माह बाद भी पूरा नहीं हो सका है। इस नाले के सहारे बड़े दायरे में पानी की निकासी होगी। यहां पर ज्यादातर प्लॉट साल के आठ से 10 महीने जलभराव की जद में रहते हैं।
स्थानीय लोगों की ओर से इस नाले के तेजी से निर्माण कराए जाने की मांग की जाती रही है। लोग चिंता जता रहे हैं कि कहीं दोबारा जलभराव न हो जाए। उधर, छह माह बीत जाने के बाद भी नाला अधूरा है। हालांकि काम अभी भी जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 15 जून के करीब मानसून दस्तक दे सकता है। समय रहते नाले का निर्माण पूरा न हो सका तो फिर से लोगों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
फोटो-11- दिबियापुर बाईपास पर किया जाता नाला निर्माण। संवाद- फोटो : कानपुर में विजयी खिलाड़ी संगठन
फोटो-11- दिबियापुर बाईपास पर किया जाता नाला निर्माण। संवाद- फोटो : कानपुर में विजयी खिलाड़ी संगठन