संवाद न्यूज एजेंसी
औरैया। सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव भाऊपुर निवासी शिवकांत पाठक व पत्नी सीमा ने जहर खाकर चार जनवरी को आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में एआरटीओ कार्यालय के चालान जमा करने को लेकर हुए गबन का मामला उजागर हुआ था।
दर्ज मुकदमे में अभी तक महज एक को ही पकड़ा जा सका है। वहीं गबन की जांच भी फिलहाल अधूरी है। 40 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन पुलिस नामजद आरोपी समेत अन्य आरोपियों को अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। दपंती की मौत के बाद दर्ज हुए मुकदमे में एआरटीओ के लेखाकार ललितकांत व नेता मिश्रा पर चालान अदायगी में हुए गबन की धनराशि को लेकर शिवकांत को मानसिक तौर पर परेशान किए जाने का आरोप लगा था।
पुलिस ने लेखाकार ललितकांत को पकड़कर जेल भेजा दिया था। वहीं एक अन्य नामजद आरोपी नेता मिश्रा की गिरफ्तारी करने में 40 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के पसीने छूट रहे हैं। दर्ज मुकदमे में बैंक के कुछ कर्मचारियों पर भी तलवार लटकी थी। वहीं दूसरी ओर गबन के मामले में जांच कर रही आरटीओ कानपुर की परिवहन विभाग की टीम को अभी तक एक साल के चालान नहीं मिल सके हैं। दो बार लिखित में एआरटीओ अशोक कुमार से अभिलेख तलब किए जा चुके हैं।
मामले में एआरटीओ की ओर से दिबियापुर थाना में ललितकांत पर अभिलेख गायब करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। दंपती की मौत से लेकर गबन की जांच 40 दिन बाद भी किसी ठोस मुकाम तक पहुंचती नजर नहीं आ रही हैं। कानपुर लेखाधिकारी प्रदीप कुमार ने बताया कि अभिलेख प्राप्त होने के बाद ही गबन की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। वहीं सीओ सदर महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में जांच चल रही है। जो भी आरोपी हैं सभी जेल भेजे जाएंगे।