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Auraiya News: उद्यमियों को उद्यम जमीन पर उतारने में हो रही है परेशानी

Tue, 21 Mar 2023 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
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औरैया। मौजूदा वित्तीय वर्ष में उद्योग की स्थापना के लिए 2177 करोड़ रुपये के एमओयू साइन करने वाले 174 उद्यमी अपने प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने को तैयार बैठे हैं। उद्योग विभाग भी इनकी मुश्किलें समाप्त करने का दावा कर रहा है। मगर कई ऐसे उद्यमी ऐसे है, जिन्हें उद्यम लगाने में कई समस्याएं आ रही है। ऐसे में अभी से उद्यमियों ने कदम पीछे करने शुरू कर दिए हैं। इस बीच जिला प्रशासन निवेशकों की स्क्रीनिंग भी कर रहा है। इससे वह लोग सामने आ सकें जिन्होंने अपने निजी समस्या सुलझाने के लिए एमओयू हस्ताक्षर किए थे। जिला प्रशासन भी ऐसे लोगों को लेकर सख्त है।
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बैंक से ऋण, बिजली, पानी और उद्योग लगाने के लिए जगह आदि की समस्याएं सामने आने लगी है। कुछ उद्यमियों ने अफसरों के सामने इन समस्याओं को लेकर दुखड़ा रोना शुरू कर दिया है। कुछ तो अपनी निजी पूंजी से उद्योग संचालन की ओर आगे आए हैं, मगर उन्हें सरकारी सुविधा न मिल पाने के कारण कदम पीछे करने पर मजबूर कर रही हैं। इस तरह की आ रही समस्याओं को निपटाने के लिए प्रशासन आगे आया है। इधर समस्याओं को लेकर लोग अफसरों को मेल व पत्र भेज कर समस्या बता रहे हैं।
यूपीसीडा में पांच ने किए आवेदन
यूपीसीडा के प्लास्टिक सिटी में सुविधाएं न होने से अब तक पांच उद्यमियों ने ही जमीन के लिए आवेदन किया है। यहां पर अभी सड़क, बिजली, पानी, सुरक्षा को लेकर कोई ठोस इंतजाम नहीं है। यहां पर अभी तक 100 एकड़ जमीन आवंटित नहीं हो सकी है। यहां पर 339 एकड़ में प्लास्टिक सिटी विकसित होनी है।
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जिला उद्योग केंद्र के लिए अलग होगा फीडर-
जिला उद्योग केंद्र के भूखंडों पर ज्यादातर लोगों ने कब्जे ले लिए हैं। यहां पर 44 भूखंडों पर लोग अपनी परियोजना लगाने के लिए आगे आए हैं और प्रोजेक्ट रिपोर्ट भेज दी। लोगों ने बिजली की समस्या भी बताई है। लोगों का कहना है कि शहरी क्षेत्र की बिजली है यहां, इस लिए कटौती बहुत हो रही है। इसे लेकर यहां पर जिला उद्योग केंद्र का अलग फीडर होगा। अधीक्षण अभियंता की ओर से इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है।
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उद्यमियों से बातचीत...
उद्यमी धीरज शुक्ला ने बताया कि हम लोगो को आवंटन लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हो गया था लेकिन प्लास्टिक सिटी में सुविधाएं न होने के चलते अभी तक कब्जा नहीं लिया है। ज्यों ही सड़कें, बिजली और पानी की उपलब्धता हो जाएगी हम कब्जा लेकर औद्योगिक गतिविधियां शुरू करेंगे। शहर के जय मां काली इंडस्ट्रीज के मालिक श्रीकृष्ण विश्नोई बताते हैं कि कई उद्यमियों के सामने बैंक से ऋण लेने की परेशानी हो रही है। आवेदन करने के बाद भी बैंक चक्कर लगवा रहा है। प्लास्टिक सिटी में दाल व मोटे अनाज के लिए उद्योग लगाने के लिए जगह ले रखी है। मगर सुविधाएं न होने से उद्योग संचालित करने में परेशानी आ रही है। इसको लेकर अधिकारियों को जानकारी दी गई है। दिबियापुर निवासी फर्नीचर उद्योग के बड़े कारोबारी सुशील दुबे ने बताया कि उन्होंने बेटे के नाम 1750 वर्गमीटर का प्लॉट लिया है। इसकी किश्तें भी जमा कर रहे हैं। बिजली सड़क की सुविधाएं नहीं होने के कारण अभी तक कब्जा नहीं लिया है। उम्मीद जताई कि अप्रैल 2023 तक यदि सड़कें बन गईं तो कब्जा लेंगे। तभी उद्योग स्थापित करने में आसानी होगी।
वर्जन
उद्यमियों की सुविधाओं का ध्यान रखा जा रहा है। कुछ उद्यमियों ने बैंक से ऋण मिलने में परेशानी बताई हैं। इसको लेकर बैंकों से संपर्क कर समस्या का निस्तारण कराया जा रहा है। इसके साथ ही उद्यमियों की स्क्रीनिंग भी की जा रही है। जिससे वास्तविक इन्वेस्टर्स चिह्नित किए जा सकें। अब तक के निवेश में कई लोगों ने अपना काम शुरू कर दिया है। करीब 400 करोड़ के निवेशक ऐसे हैं जो सितंबर 2023 तक काम शुरू करेंगे।- उत्कर्ष चंद्र, उपायुक्त उद्योग
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