बिजली सप्लाई बाधित रहने पर गुरुवार रात विरोध प्रदर्शन कर रहे पुरानी कलेक्ट्रेट स्थित कांशीराम कालोनी वासियों के लोगों पर पुलिस ने लाठियां भांजी। पुलिस कार्रवाई से क्षुब्ध लोगों ने विद्युत केंद्र का घेराव कर मार्ग जाम किया। डीएम आवास से लौटते समय ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता विद्युत के आवास पर प्रदर्शन करते हुए पथराव किया।
इस पर पुलिस ने वहां पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। डेढ़ घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, लेकिन बाद में चेतावनी देकर छोड़ दिया।
कांशीराम राम कालोनी में पिछले कई साल से बिजली बिल मुसीबत बने हुए हैं। बिल जमा न करने के आरोप में बिजली विभाग ने बीती रात कांशीराम कालोनी की लाइट काट दी। इससे कालोनी में अंधेरा छा गया। भीषण गर्मी ऊपर से रात में बिजली काटे जाने से कालोनी वासियों का गुस्सा फूट पड़ा।
आक्रोशित कालोनी वासियों ने विद्युत केंद्र पहुंचकर वहां मौजूद कर्मचारियों पर अपना गुस्सा उतारा। लोगों को गुस्साए देख विद्युत केंद्र पर मौजूद कर्मचारी भाग गए। वहीं कालोनी के लोगों ने सड़क के दोनों ओर बेंच व लकड़ी के गट्ठर डालकर जाम लगा दिया।
जाम और हंगामे की सूचना पर कोतवाल विक्रमाजीत पहुंचे। उन्होंने कालोनी वासियों को बहला-फुसला कर डीएम से मिलकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस पर कालोनी वासी पुलिस के साथ जिलाधिकारी आवास की ओर चल दिए, लेकिन वहां डीएम की बजाय नायब तहसीलदार शमशेर सिंह से वार्ता करवाई गई।
कालोनी वासियों की बात सुनकर नायब तहसीलदार ने एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव को मामले से अवगत कराते हुए रात में कालोनी की कटी बिजली जुड़वाकर फिलहाल मामला शांत कराने को कहा, लेकिन एसडीएम से रात में कुछ भी कदम न उठाए जाने से कालोनी वासियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
डीएम आवास से लौट रहे कालोनी वासी सीधे एक्सईएन के आवास पहुंचे, जहां एक्सईएन के घर से बाहर न निकलने पर उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने लाठियां भांजकर आक्रोशित लोगों को खदेड़ा। पुलिस को लाठियां चलाते देख कालोनी वासी जान बचाने के लिए भागे।
इसी बीच पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया, लेकिन थोड़ी देर बाद मामला शांत होते ही उन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। वहीं एसडीएम सदर जितेंद्र श्रीवास्तव व अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रदीप वर्मा मौके पर पहुंच गए। खास बात यह है कि डेढ़ घंटे तक चले इस तांडव के बाद भी कालोनी वासियों की बिजली आपूर्ति चालू नहीं की जा सकी।