करोड़ों रुपये के घरेलू बिजली बिल घोटाले में जांच पूरी होने के एक माह बाद भी जांच टीम ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को नहीं सौंपी है। जांच अधिकारी सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहे हैं। वहीं विभागीय सूत्रों की माने तो जांच में कर्मचारियों से लेकर कई अधिकारियों के ऊपर तलवार लटकती दिखाई दे रही है। फिलहाल उच्चाधिकारी जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
घरेलू बिजली बिलों में करोड़ों रुपये के घोटाले के मामले में निर्धारित तिथियों के बाद भी उच्चाधिकारियों के पास जांच रिपोर्ट नहीं पहुंच सकी है। रिपोर्ट सौंपने के नाम पर जांच अधिकारियों सिर्फ तारीख पर तारीख दे रहे हैं। वहीं इस मामले में विभागीय सूत्रों की माने तो लंबे समय से औरैया बिजली विभाग में चल रहे करोड़ों रुपये के घोटाले में अधिकारियों की भी संलिप्तता उजागर हो सकती है।
हालांकि अमर उजाला भी इस बात को लगातार खबरों में उठा रहा है कि किसी भी प्राइवेट कर्मचारी की हिम्मत तब तक गड़बड़ी करने की नहीं हो सकती। जब तक उसे किसी अधिकारी की छत्रछाया न मिले। क्योंकि पासवर्ड और बिल संशोधन का अधिकार जिले में सिर्फ एक्सईएन और एसडीओ के पास होता है। ऐसे में इन अधिकारियों का संलिप्त होना मुमकिन है।
वहीं पूरे प्रकरण में जांच रिपोर्ट पर मामला अटका है। जांच अधिकारी/अधीक्षण अभियंता ओएन दीक्षित की ओर से इससे पहले भी कई बार उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट सौंपने की तारीख निर्धारित की जा चुकी हैं। इसके बावजूद जांच रिपोर्ट नहीं मिली।
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जांच अधिकारी की ओर से अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं दी जा सकी है। जब तक रिपोर्ट हाथ में नहीं आ जाती, तब तक कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। हरिश्चंद्र गुप्ता, चीफ इंजीनियर, कानपुर मंडल