बिजली बिलों में हेरफर के मामले में बकाया रुपये की वसूली कराने वाले अधिकारी उपभोक्ताओं को परेशान कर रहे हैं। उन पर हेरफेर करने वालों का नाम बताने का दबाव बना रहे हैं। उनका बकाएदारों से कहना है कि खूब बकाया जमा करा दो पर जब तक हेरफेर करने में शामिल अधिकारी या कर्मचारी का नाम नहीं बताओगे तब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा।
बिजली विभाग की ओर से 933 बिलों में पकड़ी गई तीन करोड़ रुपये की हेराफेरी में वसूली शुरू कर दी गई है। इसके लिए एसडीओ अरविंद सिंह, जेई, एसके मौर्या, विवेक खरे सहित अन्य अधिकारियों के नेतृत्व में टीम बनाई गई है। विभागीय कर्मचारियों ने हेरफेर कराने वाले उपभोक्ताओं से संपर्क कर घोटाला कराने में शामिल अधिकारियों के नामों की भी पूछताछ की।
अभियान के पहले दिन अधिकारियों ने शहर के मोहल्ला सत्तेश्वर, हाईवे रोड, तिलक नगर आदि में निरीक्षण कर उपभोक्ताओं से बकाया जमा कराया। अहम बात यह है कि विभागीय अधिकारियों के इस अभियान में हेरफेर वाले उपभोक्ताओं ने सहयोग करते हुए बकाया वसूली जमा करा दी, लेकिन उनके कनेक्शन नहीं जोड़े गए हैं।
एक उपभोक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसने अधिकारियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बकाया बिल की धनराशि को जमा भी कर दिया। बावजूद इसके उसके ऊपर हेरफेर करने वाले कर्मचारी व अधिकारी का नाम बताने का दबाव बनाया जा रहा है। साथ ही चेतावनी भी दी जा रही है कि जब तक नाम नहीं बताओगे तब तक कनेक्शन नहीं जोड़ा जाएगा। विभागीय अधिकारियों की इस मनमानी से उपभोक्ताओं में रोष है।
विभाग की ओर से चलाए जा रहे इस अभियान में सहयोग लेने के लिए एक्सईएन के निर्देश पर कुछ एक उपभोक्ताओं के साथ ऐसा किया गया है। हालांकि इसमें कोई बाध्यता नहीं है। फिर भी अगर इस कदम से कोई जानकारी मिल जाएगी तो इससे घोटाले के आरोपियों का खुलासा हो जाएगा जिससे पूरा मामला जल्द खुल सकेगा।
अरविंद सिंह
एसडीओ, बिजली