औरैया। वृद्धावस्था पेंशन न आने से जरूरतमंद बुजुर्ग महिलाएं आर्थिक तंगी का सामना कर रही हैं। फरवरी माह से पेंशन का भुगतान न होने के कारण पात्र लाभार्थी महिलाएं ककोर स्थित विकास भवन के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हर बार उन्हें जल्द पेंशन जारी करने का केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।
दूर-दराज के गांवों से किराया खर्च कर ककोर मुख्यालय पहुंची वृद्ध महिलाओं ने बताया कि हर माह एक हजार रुपये उन्हें काफी हद तक आर्थिक दिक्कतों से निपटने में मदद करते हैं। वहीं विभागीय अधिकारियों के अनुसार पिछले एक साल में वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत समाज कल्याण विभाग में अभी तक 95052 आवेदन आ चुके हैं। सत्यापन के बाद 1078 आवेदनों को मानकों के पूरा न करने पर रिजेक्ट किया गया है।
विभागीय दस्तावेजों में 85,469 बुजुर्गों को योजना का पात्र माना गया। इनमें भी 34,967 को पेंशन मिल रही है। उधर, हर साल होने वाले सत्यापन की तरह इस वित्तीय वर्ष में उम्र के निर्धारण को लेकर नए मानक शासन स्तर से जारी कर दिए गए। इसमें आधार कार्ड से आयु की पुष्टि न करते हुए अन्य कागजों की मांग कर दी गई है।
एक साल से नहीं आ रही पेंशन
गांव धनवाली से 30 किमी की दूरी तय करके ककोर मुख्यालय आईं हूं। उम्र का सत्यापन कराने के लिए जरूरी कागज भी लाईं हूं। एक साल से पेंशन नहीं आ रही है।
-पार्वती
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उम्र के इस पड़ाव पर वृद्धावस्था पेंशन काफी मदद करती है। दवा-पानी और रोजमर्रा के जरूरी खर्चों के लिए भी अब उनके सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। अधिकारी कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर टाल रहे हैं।
-रजनी
वर्जन-
पोर्टल पर सत्यापन के बाद पात्रों के नाम दर्ज कर दिए जाते हैं। शासन स्तर से सीधे पात्रों के बैंक खातों में पेंशन भेजी जाती है। सत्यापन को लेकर लगातार बुजुर्गों के कागजों को अपडेट किए जा रहे हैं ताकि मानकों को पूरा कराते हुए ज्यादा से ज्यादा पात्रों को योजना का लाभ दिया जा सके। जल्द ही पात्रों के खातों में पेंशन भेजी जाएगी।
-रविंद्र कुमार शशि, समाज कल्याण अधिकारी
पार्वती