औरैया। नए शिक्षा सत्र में जिले के ग्रामीण क्षेत्र के कुल 1451 स्कूलों के बच्चों को बुनियादी सुविधाओं से जूझना पड़ेगा। कहीं पीने के पानी नहीं तो कहीं शौचालय नदारद हैं। तमाम स्कूलों में रसोई घर और बिजली कनेक्शन का अभाव है। आपरेशन कायाकल्प को शुरू हुए 16 माह बीत चुके हैं लेकिन 14 बिंदुओं पर मात्र 66 फीसदी प्रगति हो सकी है।
शासन ने मार्च 2019 में परिषदीय स्कूलों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी आपरेशन कायाकल्प के तहत ग्राम पंचायतों को दी थी, लेकिन ग्राम पंचायतों ने सभी स्कूलों को बुनियादी सुविधाओं से लैस नहीं किया। जिले के कुल 1951 परिषदीय स्कूलों में एक भी स्कूल आपरेशन कायाकल्प के तहत संतृप्त नहीं हो सका है। यह भी यह स्कूली बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
आलम यह है कि 1451 में 66 विद्यालयों में पीेने के पानी की व्यवस्था नहीं है। 168 स्कूलों में बालक व 159 बालिकाओं के अलग-अलग शौचालय नहीं है। 909 स्कूलों में शौचालयों में नल से आपूर्ति नहीं है। 710 स्कूलों में टाइलीकरण का काम पूरा नहीं हो सका है।
स्कूलों में दिव्यांग शौचालय की प्रगति शून्य है। 924 स्कूलों में हैंडवाशिंग यूनिट नहीं लग सकी हैं। 929 स्कूलों में रसोई घर जीर्णोद्धार का काम भी अधूरा पड़ा है। 277 स्कूलों में विद्युतीकरण का काम भी अटका पड़ा है। जिला पंचायत राज विभाग का कहना है कि ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों और पंचायत भवनों के निर्माण को शासन के निर्देशानुसार पहले कराया जा रहा है।
शासन ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत परिषदीय स्कूलों में 14 बिंदुओं पर संतृप्त करने का कार्य ग्राम पंचायतों को सौंपा है। उन्हें ही सभी स्कूलों में यह कार्य कराना है। अधूरे कार्यो के बारे में शासन को पत्राचार किया गया है। - एसपी सिंह बीएसए