औरैया। आंगनबाड़ी केंद्रों के लाभार्थी जल्द ही ऑनलाइन हो जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसी) को सौंपी गई है। इसके तहत सभी सूचनाओं का डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसके लिए बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के निदेशक ने सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं।
जानकारी के मुताबिक शहरी क्षेत्र के 139 व ग्रामीण क्षेत्र के 1650 कुल 1789 आंगनबाड़ी केंद्रों का ब्योरा ऑनलाइन किया जाएगा। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने लाभार्थियों के रजिस्टर बनाए हैं। लाभार्थियों को आधार कार्ड, राशन कार्ड आदि से जोड़ा गया है। गर्भवती और धात्री महिलाओं के बारे में जानकारी एकत्र कर ली गई है। एसएचसी संचालक आंगनबाड़ी केंद्रों पर जाकर इनका सत्यापन करेंगे और अपने सेंटर पर फीड करेंगे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी शरद अवस्थी ने बताया कि आंगनबाड़ी के सभी लाभार्थियों के पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड का नंबर, राशन कार्ड का विवरण, मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इसका ध्यान रखें कि आंगनबाड़ी द्वारा सूचना अपडेट हो रही है या नहीं। गर्भवती या धात्री महिलाओं, माह से तीन वर्ष तक के बच्चे, तीन साल से छह वर्ष तक के बच्चें एवं स्कूल छोड़ चुकी किशोरियों के डाटा डिजिटलीकरण किया जाएगा। जिले में 43 हजार गर्भवती व धात्री महिलाएं, 73 हजार सात माह से तीन साल तक तक के बच्चे व तीन से छह वर्ष के बीच में 49 हजार बच्चे हैं।