अजीतमल (औरैया)। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की शुक्रवार को हुई लर्निंग आउटकम परीक्षा में तहसीलदार अजीतमल ने क्षेत्र के विद्यालयों का निरीक्षण किया। जिसमें मिर्जापुर व अलीपुर के परिषदीय विद्यालयों में आठ बाहरी छात्रों को परीक्षा देता पकड़ा। इस मामले में तहसीलदार ने उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ डीएम को जांच रिपोर्ट भेज दी है।
अजीतमल तहसील क्षेत्र में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की योग्यता जांचने के लिये लर्निंग आउटकम परीक्षा आठ नवंबर को कराई गई। इस परीक्षा के माध्यम से विद्यालयों में कराए जाने वाले अध्यापन कार्य की गुणवत्ता का पता लगाया जाना है। अपनी कमियों को छिपाने केे लिए विद्यालय प्रशासन ने बाहरी छात्रों को बैठाकर परीक्षा करवाई।
इसकी हकीकत तब पता चली जब क्षेत्र में संचालित परिषदीय विद्यालयों के निरीक्षण के दौरान तहसीलदार अजीतमल संध्या शर्मा क्षेत्र के ग्राम मिर्जापुर व अलीपुर स्थित परिषदीय विद्यालयों मेें पहुंची। शक होने पर परीक्षा दे रहे छात्र-छात्राओं से जब तहसीलदार ने कुछ सवाल किए तो शक सही निकला। इस संबंध में तहसीलदार ने बताया कि मिर्जापुर व अलीपुर के निरीक्षण में ग्राम अलीपुर स्थित विद्यालय पंजीकृत 14 बच्चों में बाहर के चार बच्चे परीक्षा देते पाए गए। ग्राम मिर्जापुर विद्यालय में पंजीकृत 11 बच्चों में सात बच्चे मौजूद मिले। जबकि चार बच्चे बाहर के यहां भी परीक्षा देते पाए।
बताया कि ग्राम अलीपुर विद्यालय में तो हद हो गई। जब उन्होंने वहां मौजूद छात्र-छात्राओं से उनके नाम पूछे तो उन्होंने विद्यालय प्रशासन की ओर से रटाए गए नाम बोलने शुरू कर दिए लेकिन मामला गड़बड़ जानते देख जब कई बार उनसे नाम सही बताने को कहा गया तो बच्चों ने अपने सही-सही नाम बता दिए। साथ ही अपने को स्कूल से बाहर का छात्र होने की हकीकत बयां कर दी। इस पर उन्होंने प्राथमिक विद्यालय अलीपुर के प्रधानाध्यापक व मिर्जापुर के प्रधानाध्यापक की फटकार लगाई।
तहसीलदार ने बताया कि पहली बार इस परीक्षा में ओएमआर सीट का प्रयोग कराया गया है। बावजूद इसके अपनी कमी छिपाने को विद्यालय प्रधानाध्यापकों की ओर से बच्चों में अभी से ही गलत संस्कार दिए जा रहे हैं। जो कि अक्षम्य हैं। वहीं उन्होंने बताया कि अजीतमल ब्लॉक संसाधन केंद्र के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा पांच के 1018 छात्र और 1085 छात्राएं पंजीकृत थे। और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 6, 7, 8 के 1028 छात्र और 2032 छात्राएं पंजीकृत थे। तहसीदार ने बताया कि उक्त दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ जांच रिपोर्ट तैयार करके डीएम को भेज दी है।