औरैया। महंगाई की मार एक बार फिर आम जनता की जेब पर भारी पड़ने लगी है।
पिछले एक सप्ताह के भीतर बाजार में खाद्य तेलों की कीमतों में 20 से 30 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तेल के दामों में अचानक आई इस तेजी ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ने लगा है। गृहणियां किफायत भी करने लगी हैं।
व्यापारियों और गृहणियों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले दिनों में अन्य खाद्य सामग्रियों के दाम भी आसमान छूने लगेंगे। थोक और फुटकर बाजार के जानकारों की मानें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार और माल भाड़े में हुई बढ़ोतरी का असर स्थानीय स्तर पर देखने को मिल रहा है।
फिलहाल तेल की इस महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ कर रख दी है और लोग अब सरकार से राहत की उम्मीद लगा रहे हैं। खानपान की सामग्री में तेल के सीमित प्रयोग के जरिए गृहिणी इस महंगाई का सामना भी करने लगी हैं।
बोले व्यापारी-अन्य की कीमतें बढ़ने के आसार
थोक बाजार से ही तेल की कीमतों में तेजी आ रही है। कुछ दिन पहले तक जो सरसों का तेल अलग-अलग वैरायटी के अनुसार 150 से 155 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था अब उसकी कीमत बढ़कर 160 से 165 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
-विकास पोरवाल
रिफाइंड तेल भी 130 रुपये से बढ़कर 150 रुपये प्रति लीटर और तिल का तेल 150 रुपये से उछलकर 170 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। अन्य जरूरी खाद्य वस्तुओं की कीमतों में भी इजाफा होने के आसार हैं। -कन्हैया पोरवाल
बोलीं गृहिणी-गृहस्थी प्रभावित हो रही
खाद्य तेलों की इस बेतहाशा महंगाई ने सीधे तौर पर रसोईघर पर असर डाला है। तेल महंगा होने से मध्यम और गरीब वर्गीय परिवारों की पूरी भोजन की थाली और गृहस्थी प्रभावित हो रही है।- निशा देवी
रसोई का बजट मेनटेन करने के लिए कम तेल का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। सूखी सब्जियां और उबला हुआ खाना ज्यादा बन रहा है। आगे अन्य चीजें भी महंगी होने की आशंका है।- शिवांगी, गृहिणी
फोटो-5- दुकान पर तेल की बिक्री करता दुकानदार। संवाद
फोटो-5- दुकान पर तेल की बिक्री करता दुकानदार। संवाद
फोटो-5- दुकान पर तेल की बिक्री करता दुकानदार। संवाद
फोटो-5- दुकान पर तेल की बिक्री करता दुकानदार। संवाद