बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर मौजूद बीमार बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
जिला अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है, वहीं मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वायरल फीवर के चलते जिला अस्पताल में हर रोज 650 से 700 के करीब मरीज पहुंच रहे हैं। मरीजों को परीक्षण कराने के लिए घंटों इंतजार करने को मजबूर होना पड़ रहा है। अस्पताल में दवाओं का स्टाक भी कम होता जा रहा है।
जिला अस्पताल में पिछले तीन महीने से दवाओं की डिमांड की जा रही है। 20 प्रमुख दवाओं की डिमांड पर पांच दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। बार-बार डिमांड पर होम्योपैथिक की आधा दर्जन दवाएं मुहैया करा दी गईं।
शुक्रवार को जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ सुबह से देखने को मिली। दोपहर एक बजे पर्चा काउंटर बंद होने के बाद भी दो बजे चिकित्सकों के आसपास मरीजों की भीड़ रही। चिकित्सक जीपी चौधरी ने बताया कि अधिकांश मरीज मौसम परिवर्तन से होने वाली बीमारियों के आ रहे हैं। बुखार के मरीज ज्यादा हैं। घरों में साफ-सफाई के साथ-साथ गर्मी से बचने के प्रबंध किए जाएं तो इन बीमारियों से बचा जा सकता है।