एरवाकटरा। बृहस्पतिवार शाम बूंदाबांदी के बीच चली आंधी में 33 केवी लाइन में आए फॉल्ट से एरवाकटरा और भटौरा उपकेंद्र जुड़े गांवों में रात करीब 8:35 बजे गुल हुई। इस दौरान करीब 70 गांव पूरी रात अंधेरे में डूबे रहे।
उमरैन, गाजीपुर, समायन, एरवाकटरा और दोबामाफी फीडरों से जुड़े एरवाटीकुर, एरवाकुईली, सुरेंधा, नगरिया राजाराम, बाऊ खेड़ा, रमपुरा, तुर्कपुर यासीन, महावीर नगर, सुल्तानपुर, सिमरिया, बेलझाली समेत कई गांवों के लोगों को रातभर बिजली संकट झेलना पड़ा।
फॉल्ट की सूचना पर जेई कुलवंत सिंह टीम के साथ देर रात तक लाइन की पेट्रोलिंग करते रहे, लेकिन समस्या का पता नहीं चल सका। शुक्रवार सुबह दोबारा जांच में भटौरा उपकेंद्र को जाने वाली 33 केवी लाइन में जगतपुर के पास फॉल्ट मिला, जिसे ठीक करने के बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
बिधूना के चिरकुआ स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन पावर हाउस से आने वाली एक ही 33 केवी लाइन से दोनों उपकेंद्रों को सप्लाई दी जा रही है। ऐसे में भटौरा लाइन में फॉल्ट होते ही एरवाकटरा क्षेत्र की बिजली भी ठप हो जाती है।
अधिशासी अभियंता सुनील कुमार ने बताया कि एरवाकटरा उपकेंद्र के लिए बनाई गई नई 33 केवी लाइन की सेफ्टी का क्लियरेंस नहीं आया है। क्लियरेंस आने पर नई लाइन से एरवाकटरा उपकेंद्र की सप्लाई जोड़ दी जाएगी। फॉल्ट को सुबह ठीक कराते हुए बिजली बहाल करा दी गई है। (संवाद)
रात में गई बिजली सुबह 11 बजे बहाल
बेला। क्षेत्र के विद्युत उपकेंद्र कैथावा व बेला दोनों जगह बृहस्पतिवार रात आई आंधी के बीच कई फॉल्ट हो गए। रात नौ बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शुक्रवार सुबह मरम्मत कराते हुए सुबह 11 बजे के बाद बिजली बहाल की जा सकी। वहीं सहार में भी कुछ जगह बिजली लाइन आंधी के चलते क्षतिग्रस्त हो गई। जिसे लाइनमैन की टीम ने दुरुस्त कराया। अवर अभियंता बेला वीरेंद्र कुमार ने बताया कि आपूर्ति बहाल की गई है। (संवाद)