वैश्य एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष स्वर्गीय डा. सरस्वती नारायण गुप्ता को मरणोपरांत वैश्य महारत्न से सम्मानित किया गया। यह सम्मान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा. सुमंत गुप्ता ने श्रृद्धांजलि सभा में परिजनों को प्रदान किया।
सभा में तय हुआ कि दिबियापुर में उनकी मूर्ति, उनके नाम का पार्क एवं एक वार्ड का नाम उनके नाम पर रखा जाएगा।
श्रृद्धांजलि सभा में राष्ट्रीय अध्यक्ष डा.सुमंत गुप्ता ने डा. सरस्वती नारायण गुप्ता को समाजवादी विचारधारा से ओतप्रोत वैश्य हित चिंतक समाजसेवी बताते हुए नगरवासियों के बीच अमर बनाए रखने के लिए उनकी आदमकद मूर्ति लगाने, पार्क, तिराहे, चौराहे का नामकरण उनके नाम पर करने आदि का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने डा. सरस्वती नारायण को मरणोपरांत वैश्य महारत्न से सम्मानित करते हुए उनके पुत्र डा. मनोज पोरवाल को प्रशस्तिपत्र भेंट किया। विधायक प्रदीप यादव ने डा. सरस्वती नारायण गुप्ता की मृत्यु को समाज के लिए ही नहीं बल्कि समाजवादी विचारधारा के लिए अपूर्णनीय क्षति बताया।
उन्होंने नगरवासियों द्वारा संकल्पित निर्माणाधीन श्मशान घाट के लिए हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
नगर पंचायत अध्यक्ष के पति सुखलाल गुप्ता एवं प्रतिनिधि कन्हैयालाल गुप्ता ने नए वार्ड परिसीमन के दौरान डा. सरस्वती के नाम पर एक नया वार्ड बनाए जाने का भरोसा दिलाया।
पोरवाल समाज के पूर्व राष्ट्रीय मंत्री आदित्य पोरवाल ने डा. सरस्वती को वैश्य, व्यापारी एवं पोरवाल समाज का हित चिंतक बताते हुए उनके रास्ते पर चलकर वैश्य समाज को एकजुट रहने का आह्वान किया।
इस मौके पर श्रीमती गीता गुप्ता, कमलेश यादव, महेश चंद्र गुप्ता, डा. भगवती दुबे, कृष्णलाल अग्रवाल, आदित्य पोरवाल, सुखलाल गुप्ता, मुकेश भारतीय, डा. कपिल गुप्ता, रविंद्र पोरवाल, पूर्व प्रधानाचार्य रामशंकर गुप्ता, राकेश भारतीय, पूर्व चेयरमैन स्वदेश पोरवाल, विनोद पोरवाल, कन्हैयालाल गुप्ता, बारेलाल पाल मौजूद रहे।