शहर के रोडवेज डिपो पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। परिसर में चारों तरफ फैली गंदगी व जलभराव के साथ ही खराब पड़ा वाटर कूलर और यात्रियों के बैठने की समुचित व्यवस्था न होने से यात्रियों को डिपो परिसर के बाहर दुकानों पर डेरा जमाना पड़ता है।
संसाधन विहीन औरैया रोडवेज डिपो यात्रियों की समस्याएं दूर करने में लापरवाह साबित हो रहा है। डिपो परिसर में यूरिनल, बैठने और शीतल पेयजल की व्यवस्था ध्वस्त हैं। इससे यात्री परेशानी उठाने को मजबूर हैं।
कीचड़ और गंदगी, यह है डिपो की कहानी - डिपो परिसर की सड़क पर गड्ढ़े और उनमें भरा गंदा पानी व कीचड़ यात्रियो की परेशानी का कारण है। परिसर स्थित एआरएम कार्यालय पहुंचने को इसी गंदे पानी से घुसकर जाना पड़ता है। एआरएम कार्यालय के बाहर चारो तरफ भरे पानी को निकलवाने की आज तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
यात्री बैठक पर दोपहिया वाहनों का कब्जा- वैसे तो डिपो परिसर में यात्रियों के बैठने को कहीं भी कोई व्यवस्था नहीं है। ले-देकर बुकिंग कार्यालय के पास टीनशेड में बैठने की जो थोड़ी जगह थी। वहां दोपहिया वाहनों का स्टैंड बन गया है। यात्रियों को डिपो परिसर के बाहर धूप में दुकानों पर पड़ी बैंचों पर बैठना पड़ता है।
प्यास से यात्री बेहाल, वाटर कूलर खराब- रोडवेज परिसर में यात्रियों को पेयजल उपलब्ध कराने को लगाया गया वाटर कूलर कई महीनों से खराब पड़ा है। गर्मी का मौसम आने के बावजूद आज तक इसेे ठीक नहीं कराया गया। यात्रियों के सामने शुद्ध एवं शीतल पेयजल की समस्या खड़ी हुई है।
औरैया डिपो, जिस परिसर में है, वह विवादित जगह है। जगह को लेकर कोर्ट में मुकदमा भी चल रहा है। डिपो में यूरिनल बनवाने को एनटीपीसी से सहयोग लिया जा रहा था, लेकिन विवादित जगह होने के कारण मामला टल गया। इन स्थितियों के चलते परिसर में कोई काम नहीं कराया जा पा रहा है। हेमंत मिश्रा, एआरएम, औरैया डिपो