सीएचसी में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने को मौजूद लोग।
- फोटो : सीएचसी में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने को मौजूद लोग।
बिधूना। दिनोंदिन बढ़ रहे तापमान के बीच लोग तो परेशान हैं ही, जानवर भी इससे अछूते नहीं हैं। गर्मी के कारण कुत्ते और बंदर कटखने हो रहे हैं। वह रिहायशी इलाकों में लोगों पर हमला कर रहे हैं।
उनके हमले से जख्मी हो रहे लोग अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं। पिछले एक महीने में कुत्ते के काटने से पीड़ित 477 लोगों ने स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाई है।
कुत्ते के काटने के बढ़ते मामलों से लोग परेशान हैं। सड़कों पर घूम रहे कुत्ते ही नहीं पालतू कुत्ते भी अपने पालकों पर हमला कर रहे हैं। सीएचसी पर ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है। पिछले करीब 40 दिन में कुत्ते और बंदर के काटने पर 477 लोगों ने वैक्सीन लगवाई है। जबकि सीएचसी में रोजाना 20 से 25 लोग रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं।
कुत्तों के डर से लोग टहलने के लिए घर से निकलने में हिचकते हैं। अस्पताल में एंटी रेबीज लगवाने वालों में बड़ों के साथ ही पांच से 15 साल के बच्चे भी पहुंच रहे हैं।
डॉक्टर बोले, मौसम में बदलाव से हो रहे हिंसक
सीएचसी अधीक्षक डॉ. बीपी शाक्य ने बताया कि कुत्ते भोजन नहीं मिलने पर हिंसक हो जाते हैं। मौसम में बदलाव के समय इनका स्वभाव भी बदलता है। ऐसे में इनसे सावधान रहना जरूरी है।
काटने वाले कुत्तों को वन विभाग पकड़कर बाहर छोड़ने का काम करे। कस्बा व ग्रामीण क्षेत्र के लोग रेबीज वैक्सीन लगवाने आ रहे हैं। ऐसे कुत्तों से बचाव रखना जरूरी है। अस्पताल में एंटी रेबीज की वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में है।