बिधूना तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में ससुरालीजनों द्वारा उत्पीडन किए जाने की शिकायत लेकर पहुंची पीड़ित महिला समस्या का समाधान न होते देख तहसील दिवस समाप्त कर लौट रहीं डीएम की गाड़ी के आगे लेट गई।
अचानक महिला के गाड़ी के सामने लेट जाने से अधिकारियों सहित मौके पर मौजूद पुलिस में हड़कंप मच गया। आननफानन में महिला पुलिस ने पीड़िता को खींचकर वहां से हटाया, तब जाकर डीएम की गाड़ी आगे बढ़ सकी।
थाना एरवाकटरा निवासी प्रीती लंबे समय से ससुरालीजनों की प्रताड़ना से परेशान थी। इस बीच उसने कई बार तहसील दिवस से लेकर एसडीएम बिधूना तक न्याय की गुहार लगाई, लेकिन उसकी फरियाद को किसी ने भी तबज्जो नहीं दिया।
मंगलवार को पीड़ित प्रीती अपना शिकायती पत्र लेकर तहसील दिवस में मौजूद डीएम व एसपी के समक्ष पहुंची। मामला क्रिमिनल का देख प्रार्थना पत्र पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में दिया गया। पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी ने संबंधित थाने को निर्देशित कर महिला की समस्या दूर करने के आदेश दिए।
डीएम माला श्रीवास्तव द्वारा उसकी बात न सुने जाने से क्षुब्ध तहसील दिवस समापन पर प्रीति डीएम की गाड़ी के आगे लेट जाने से वहां हड़कंप मच गया। एसडीएम मदन चंद्र दुबे ने उसे हटाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह सफल न रहे। इस पर महिला पुलिस ने पहुंचकर पीड़िता को वहां से हटाया।