जिला स्तरीय तहसील दिवस में डीएम और एसपी के न आने से फरियादी मायूस रहे। तहसील दिवस में 204 शिकायतें पंजीकृत हुआ, इनमें सिर्फ आठ शिकायतों का ही मौके पर निस्तारण किया जा सका।
जिला स्तरीय तहसील दिवस में एडीएम एके सिंह व एएसपी विपुल कुमार ने फरियादियों की शिकायतें सुनीं। मंगलवार को ब्लाक सभागार में आयोजित जिला स्तरीय तहसील दिवस में फरियादियों में मायूसी देखने को मिली।
इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि सुबह 10 से दोपहर दो बजे तक अपनी फरियाद लेकर पहुंचे 204 पीड़ितों में सिर्फ आठ को ही राहत मिल सकी। शेष शिकायती पत्र निस्तारण के लिए वेटिंग की तरह फाइल में दब गए।
इससे तहसील दिवस की त्वरित शिकायत निस्तारण की गरिमा अब धीरे-धीरे लोगों के जेहन से उतरनी शुरू हो गई है। यदि जल्द ही शासन ने इस ओर ध्यान न दिया तो तहसील दिवस एक दिन वास्तव में वेटिंग शिकायत केंद्र बनकर रह जाएगा।
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डीएम एसपी की गैर मौजूदगी का दिखा असर- औरैया। इस बार जिला स्तरीय तहसील दिवस में जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव व पुलिस अधीक्षक मनोज तिवारी के जिले के बाहर बैठकों में शामिल होने के चलते फरियादियों की भी संख्या काफी कम रही।
तहसील दिवस केंद्र पहुंचने पर जिलाधिकारी की मौजूदगी न होने की जानकारी मिलते ही बहुत से फरियादी शिकायती पत्र दिए बिना ही वापस लौट गए।
गर्मी के प्रभाव से परेशान रहे अधिकारी- औरैया। जिला स्तरीय तहसील दिवस का आयोजन ब्लाक सभागार कक्ष में किया जाता है। इन दिनों गर्मी अपने चरमोत्कर्ष पर है। ऐसे में सभागार में अधिकारियों के बैठने के स्थान पर कूलर न लगा होने और पंखों की गति धीमी होने से भीषण गर्मी के चलते अधिकारी बुरी तरह से परेशान दिखे।
हालत यह रही कि गर्मी से परेशान अधिकारी पंखों की गति की ओर इशारा करते हुए किसी तरह दो बजने का इंतजार करते देखे गए, जिससे उमस भरे हाल से किसी तरह बाहर की ठंडी हवा का आनंद ले सकें।