औरैया। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा की राह आसान नहीं होगी। सपा भी पूरे दमखम के साथ चुनाव मैदान में है। हालांकि बसपा ने अभी कार्ड नहीं खोले है। पाटी जिला संगठन में विचार
विमर्श जारी है। 23 सदस्यों वाली जिला पंचायत में ताजपोशी के लिए 12 सदस्यों का समर्थन होना जरूरी है। किसी भी दल के पास इतने सदस्य नहीं हैं। फिलहाल सियासी हलके में जो तसवीर उभर कर सामने आ रही है उसमें जोड़तोड़ कर बहुमत जुटाने के संकेत हैं।
संख्या बल की बात करें तो सपा के पास सबसे अधिक 10 सदस्य हैं। निर्दलीय पांच सदस्य जो जीत कर आए हैं, उन्हें भी सपा अपना ही मान रही है। हालांकि नतीजे आने के बाद इनमें से कुछ भाजपा तो
कुछ सपा खेमे में चहल कदमी करते हुए देखे जा सकते हैं। बसपा ने अभी तक अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया है। ऐसे में सपा और भाजपा जिला संगठन में प्रत्याशी उतारने की घोषणा के साथ ही जोड़ तोड़ भी शुरू हो गई है। दोनों ही दल अपने पास पर्याप्त सदस्य होने का दावा कर रहे हैं।
भाजपा के पास जीत कर आने वाले सदस्यों की संख्या पांच है। जबकि निर्दलीय चार और बसपा के चार सदस्य हैं। भाजपा इस फिराक में है कि वह निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य उनके पाले में आ जाए। अभी तक की स्थिति में भाजपा निर्दलीय और बसपा पर ही डोरे डाल रही है। हालांकि न तो निर्दलीय खुल कर सामने आए और न हीं बसपा ने स्थिति साफ की है। चर्चा है कि बसपा से एक प्रत्याशी ने पर्चा भी खरीद लिया है।
चुनाव में सपा और भाजपा अपनी ताकत झोंक रहे हैं। सपा के कुछ सदस्य जीत हासिल करने के बाद ही भूमिगत हो गए थे। वहीं भाजपा अपने पार्टी के सदस्यों को सुरक्षित किए है। चर्चा है कि एक सांसद कुछ सदस्यों को अपने पास रखे हुए है। वह तीन जुलाई को ही वोट डालने के बाद ही कहीं आ जा सकेंगे।