भाइयों द्वारा हथियाई गए आवास, पट्टे के प्लाट को वापस दिलाने की मांग को लेकर ककोर मुख्यालय पर विकलांग वृद्ध रामरतन ने फिर से अनशन शुरू कर दिया है।
बिधूना के मोहल्ला जवाहर नगर निवासी 85 वर्षीय रामरतन दोनों पैरों से विकलांग हैं। ट्राई साइकिल के सहारे आवागमन करने वाले रामरतन ने भाइयों द्वारा पट्टे की जमीन व आवास हथिया लिए जाने से न्याय की मांग को लेकर आठ से 24 अप्रैल तक ककोर मुख्यालय पर भूख हड़ताल की।
इस दौरान मौके पर पहुंचे बिधूना विधायक प्रमोद गुप्ता, एसडीएम बिधूना मदन चंद्र व दिबियापुर इंस्पेक्टर विक्रमाजीत सिंह ने मांग के अनुरूप एफआईआर दर्ज कराने का आश्वासन देकर उसका अनशन तुड़वा दिया था, लेकिन उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई।
रामरतन ने बताया कि कोतवाली प्रभारी बिधूना उपेंद्र नाथ राय व सीओ द्वारा एफआईआर दर्ज करने में एसडीएम बिधूना व तत्कालीन कोतवाली प्रभारी खलीक अहमद का नाम हटाने का दबाव बना रहे हैं।
न्याय न मिलते देख और अधिकारियों द्वारा गुमराह किए जाने से खफा रामरतन ने शुक्रवार एक मई से पुन: ककोर मुख्यालय पर अनशन शुरू कर दिया है। उसका कहना है कि जब तक जिला प्रशासन के अधिकारी उसे न्याय नहीं देंगे तब तक वह अपनी हड़ताल खत्म नहीं करेगा।